मुंगेर के मुफस्सिल थाना क्षेत्र स्थित कल्याणचक गांव में तीन दिनों से लापता 20 साल की छात्रा संध्या कुमारी का शव मंगलवार को घर के समीप एक पुराने कुएं से बरामद किया गया।
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सूचना मिलने पर मुफस्सिल थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से शव को कुएं से बाहर निकाला। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए मुंगेर सदर अस्पताल भेजा गया।

निराश और मानसिक तनाव में रहने लगी थी
मृतका के पिता धर्मवीर यादव और चाचा सुमीत धीराज ने बताया कि संध्या परिवार की इकलौती बेटी थी और उसके दो भाई हैं। वह पढ़ाई में मेधावी थी और डॉक्टर बनने का सपना देखती थी। उसने दो बार नीट (NEET) परीक्षा दी थी।
परिजनों के अनुसार, लगातार दो बार नीट परीक्षा प्रक्रिया प्रभावित होने और पेपर लीक जैसी घटनाओं के कारण संध्या निराश और मानसिक तनाव में रहने लगी थी।
अपनी दवाएं लेना बंद कर दिया था
परिवार ने बताया कि पिछले डेढ़ महीने से उसका इलाज चल रहा था। गुमशुदगी की सूचना पुलिस को देते समय भी परिजनों ने आवेदन में उसकी मानसिक स्थिति का उल्लेख किया था। परिजनों के मुताबिक, लापता होने से लगभग दो दिन पहले उसने अपनी दवाएं लेना बंद कर दिया था, जिससे उसकी मानसिक स्थिति और बिगड़ गई थी।
संध्या 5 जुलाई की सुबह करीब पांच बजे बिना बताए घर से निकल गई थी। काफी देर तक वापस न लौटने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। रिश्तेदारों और परिचितों के यहां भी खोजबीन की गई, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। मंगलवार को घर के समीप स्थित पुराने कुएं में उसका शव मिला।
घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य जुटाए
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लैब) टीम को भी मौके पर बुलाया। टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य जुटाए। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है।
मुफस्सिल थानाध्यक्ष बीपीन कुमार सिंह ने बताया कि दो दिन पहले परिजनों ने युवती के लापता होने की सूचना दी थी। आवेदन में यह भी बताया गया था कि वह मानसिक रूप से परेशान चल रही थी। पुलिस उसकी तलाश कर रही थी, तभी कुएं में शव मिलने की सूचना मिली।
शव को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और एफएसएल टीम से भी जांच कराई गई है। मामले की जांच जारी है। वहीं, परिजनों ने राज्य में लगातार सामने आ रहे परीक्षा पेपर लीक मामलों पर नाराजगी जताते हुए इसे बेटी के मानसिक तनाव का प्रमुख कारण बताया और प्रशासन तथा सरकार को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया।

