Saturday, August 1, 2026
Homeराज्यउत्तरप्रदेशमेयर के आदेश के खिलाफ पार्षद खोलेंगे मोर्चा: पार्षद बोले-नगर निगम...

मेयर के आदेश के खिलाफ पार्षद खोलेंगे मोर्चा: पार्षद बोले-नगर निगम में भ्रष्टाचार का बोलबाला, अपने लोगों देते हैं बड़े टेंडर; निलंबन के खिलाफ जाएंगे कोर्ट – Kanpur News



शहर के दोनों पार्षदों ने नगर निगम में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं।

कानपुर में मेयर के खिलाफ अब नगर निगम के सस्पेंडेड पार्षद मोर्चा खोलने की तैयारी कर चुके हैं। उन्होंने नगर निगम के अंदर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्षदों का कहना है कि निगम के बड़े टेंडर मनमाने अपने ही ठेकेदारों को दिए जाते हैं। कई पार्षद खु

.

अपने निलंबन के खिलाफ पार्षदों ने कोर्ट में जाने की तैयारी कर ली है। पार्षदों ने बताया कि वह सदन में अपने वार्ड की समस्या रखना चाहते थे। लेकिन उन्हें बोलने नहीं दिया गया। सदन को खत्म कर दिया गया और उन्हें सस्पेंड कर दिया। वह सोमवार को पहले नगर आयुक्त से मिलेंगे। हल न निकला तो कोर्ट का दरवाजा खटकाएंगे।

मेयर के बेटे नगर निगम में रखे हैं दखल

वार्ड 37 के पार्षद पवन गुप्ता ने बताया कि नगर निगम के अंदर महापौर के बेटे बंटी का पूरा दखल अंदाज रहता है। महापौर के सारे काम उनका बेटा ही संभालता है। यहां तक की निगम से उठने वाले टेंडर, ठेके भी उन्हीं के इशारे पर उनके अपने लोगों को दिए जाते हैं।

पार्षद ने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा के राज में होना चाहिए था कि होइये वही जो राम रचि राखा, लेकिन नगर निगम के चल रहा है कि ‘होइये वही जो बंटी रचि राखा’। मेयर प्रमिला पांडेय का पुत्र बंटी नियुक्ति, भर्ती, ठेके, टेंडर जैसे सभी कामों में दखल रखता है। यहां भ्रष्टाचार का बोलबाला है।

पार्षद खुद कर रहे ठेकेदारी, 70% तक कमीशन

वार्ड 4 के पार्षद अंकित मौर्या ने भी नगर निगम के अंदर बड़े भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि निगम के अंदर कई पार्षद ऐसे हैं, जो अपने वार्ड में होने वाले विकास कार्यों के ठेके खुद ही लेते हैं। यह सारे काम मिली भगत से चल रहे हैं। इसमें कमीशन का मोटा खेल चलता है।

उन्होंने कहा कि 70 प्रतिशत तक कमीशन बंट जाता है, जिसके बाद ठेकेदार के पास काम करने के लिए सिर्फ 30 प्रतिशत फंड ही बचता है। जिसमें ठेकेदार को भी अपना फायदा देखना होता है। उन्होंने कहा कि निगम की टेंडर प्रक्रिया ऑनलाइन और पारदर्शी होनी चाहिए।

अपने ठेकेदारों को देते हैं बड़े ठेके

पार्षद अंकित मौर्या ने कहा कि नगर निगम के अंदर 1 करोड़ से लेकर 5 करोड़ तक के जो बड़े ठेके हैं, वह सिर्फ अपने ही ठेकेदारों को दिए जा रहे हैं। मिलीभगत करके गुपचुप तरीके से ठेके उठा दिए जाते हैं और भ्रष्टाचार का खेल खेला जा रहा है।

उन्होंने कहा कि निगम के अंदर भर्ती के नाम पर भी लूट मची है। आप पैसा दोगे तो नौकरी लग जाएगी। उन्होंने कहा कि जिस तरीके प्रशासन लॉटरी के माध्यम से नौकरी देता है, वैसे ही नगर निगम के अंदर भी भर्ती की प्रक्रिया की जानी चाहिए। लेकिन यहां ऐसा नहीं है। हर काम के लिए रकम वसूली जा रही है।

जारी रखेंगे लोगों के हक की लड़ाई

वार्ड 37 के पार्षद पवन गुप्ता ने कहा कि वह अपने लोगों के हक के लिए लगातार लड़ाई जारी रखेंगे। सोमवार को वह नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय से मिलकर उनसे लिखित में जवाब मांगेंगे कि उन्होंने कौन सी अनुशासन हीनता की है, जिसके कारण उन्हें सस्पेंड कर दिया गया।

क्या सदन में जनता की परेशानी को उठाना अनुशासन हीनता है। अगर ऐसा है तो वह इस आदेश के खिलाफ कोर्ट का दरवाजा खटकाएंगे, लेकिन इस लड़ाई को जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि उनके वार्ड के 3000 लोग सालों से मूलभूत सुविधा के लिए तरस रहें हैं। वह उनको उनका हम दिलवाकर रहेंगे।



Source link

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments