क्या है शिवांगी सिंह की नई जिम्मेदारी और उन्होंने कौन सा कोर्स किया है?
शिवांगी सिंह ने हाल ही में फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर कोर्स पूरा किया है. यह कोर्स एयर फोर्स स्टेशन तांबरम के फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर्स स्कूल में हुआ. यह मिलिट्री एविएटर्स के लिए सबसे मुश्किल और प्रतिष्ठित प्रोग्राम माना जाता है. अक्टूबर में 159वें क्वालिफाइड फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर्स कोर्स की वैलीडिक्ट्री सेरेमनी में वह शामिल हुई थीं. अब वह एक ट्रेनिंग यूनिट में शामिल हो गई हैं. यहां उनका अनुभव नए पायलटों के काम आएगा. वह हॉक जेट्स पर नए रंगरूटों को ट्रेनिंग देंगी. एक फाइटर पायलट का इंस्ट्रक्टर बनना करियर का बड़ा पड़ाव होता है.
बनारस से निकलकर राफेल के कॉकपिट तक कैसे पहुंचीं शिवांगी सिंह?
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ स्क्वाड्रन लीडर शिवांगी सिंह (File Photo)
पाकिस्तान ने शिवांगी को लेकर कौन सा खतरनाक झूठ फैलाया था?
हॉक जेट पर शिफ्ट होना वायुसेना के लिए क्यों अहम है?
शिवांगी सिंह का हॉक जेट पर जाना एक सामान्य ट्रांसफर नहीं है. यह वायुसेना की अगली पीढ़ी को तैयार करने की कवायद है. शिवांगी के पास राफेल उड़ाने का फ्रंटलाइन अनुभव है. वह शांत दिमाग से मिशन को अंजाम देने के लिए जानी जाती हैं. उनका यह कौशल अब नए पायलटों में ट्रांसफर होगा. हॉक जेट्स का इस्तेमाल पायलटों को एडवांस ट्रेनिंग देने के लिए होता है. शिवांगी अब मेंटर की भूमिका में होंगी. इससे वायुसेना को भविष्य के लिए बेहतरीन फाइटर पायलट मिलेंगे.
एक महिला पायलट के तौर पर यह उपलब्धि कितनी खास है?
शिवांगी सिंह का सफर कई लड़कियों के लिए प्रेरणा है. मिग-21 से लेकर राफेल और अब हॉक ट्रेनर तक का उनका सफर शानदार रहा है. वह वायुसेना में जेंडर बैरियर तोड़ने वाली चुनिंदा महिलाओं में से एक हैं. फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर बनना उनकी तकनीकी समझ और उड़ान कौशल का प्रमाण है. अब वह आधिकारिक रूप से ‘गुरु’ की भूमिका में आ गई हैं. वायुसेना में इंस्ट्रक्टर का पद बहुत जिम्मेदारी वाला होता है. शिवांगी सिंह अब देश की सुरक्षा के लिए नए जांबाजों की फौज तैयार करेंगी.

