राजस्थान के भरतपुर से सांसद एवं 5 बार विधायक रहे पंडित रामकृष्ण शर्मा ने अपने जीवन के 101 वर्ष पूरे कर लिए हैं। स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े पंडित रामकिशन शर्मा के अभिनंदन के लिए 27 सितंबर को मथुरा के गोवर्धन रोड स्थित खंडेलवाल सेवा सदन में दोपहर 3 बजे विशेष समारोह का आयोजन किया जाएगा। इस समारोह में उनका नागरिक अभिनंदन किया जाएगा। आयोजकों का दावा है कि हिंदी भाषी क्षेत्र में इस उम्र के वह अकेले स्वतंत्रता सेनानी हैं जो पूरी तरह से स्वस्थ हैं। राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में रहा है प्रभाव कार्यक्रम के संबंध में पूर्व विधायक पंडित हुकुमचंद तिवारी एवं सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष पंडित गुरुदेव शर्मा ने बताया कि रामकिशन शर्मा का स्वतंत्रता आंदोलन और सार्वजनिक जीवन में लंबा योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि राजस्थान के राजनीतिक एवं सामाजिक जीवन में पंडित रामकिशन शर्मा का विशेष प्रभाव रहा है और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं तथा प्रदेश के मुख्यमंत्रियों की पहली पसंद रहे है। वर्तमान में कई प्रदेश के मुख्यमंत्री उनसे राजनीतिक कार्य की सलाह मशवरा लेते हें। उन्होंने बताया कि पंडित रामकिशन शर्मा के व्यक्तित्व का प्रभाव मथुरा-ब्रज क्षेत्र में भी रहा है। उनके 101 वर्ष की आयु पूर्ण करने तथा स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के रूप में उनके योगदान के सम्मान में यह अभिनंदन समारोह आयोजित किया जा रहा है। यह होंगे अतिथि समारोह की अध्यक्षता स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी संगठन के अध्यक्ष एवं अधिवक्ता राजेंद्र केसरिया करेंगे। कार्यक्रम में पूर्व उच्च शिक्षा मंत्री पंडित श्याम सुंदर शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में तथा मंडेला सम्मान प्राप्त समाजवादी चिंतक एवं संवैधानिक एवं संसदीय अध्ययन संस्थान के सदस्य दीपक मिश्रा विशेष अतिथि के रूप में शामिल होंगे। कार्यक्रम के बारे में जानकारी देते हुए पंडित हुकुमचंद तिवारी एवं पंडित गुरुदेव शर्मा ने कहा कि यह मथुरा के लिए सौभाग्य का विषय है कि स्वतंत्रता संग्राम में अंग्रेजी शासन के विरुद्ध संघर्ष करने वाले और देश की आजादी में योगदान देने वाले ऐसे वरिष्ठ स्वतंत्रता सेनानी आज भी हमारे बीच मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि पंडित रामकृष्ण शर्मा एक ऐसी हस्ती हैं जिन्होंने गुलामी की बेड़ियों में जकड़ा हुआ हिंदुस्तान देखा है तो वही आजाद हिंदुस्तान को हंसते खेलते देख रहे हैं। जहां उन्होंने अंग्रेजी शासन देखा, ब्रिटिश राज देखा तो वहीं भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू से लेकर वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति द्रोपति मुर्मू तक का कार्यकाल देखा है। गोवा को आजाद कराने में रहा अहम योगदान पंडित रामकिशन शर्मा ने अपने विचारों से कभी समझौता नहीं किया। वह राम मनोहर लोहिया जी के अभिन्न मित्रों में माने जाते हैं। गोवा की क्रांति और गोवा को मुक्त करने में राम मनोहर लोहिया और पंडित रामकिशन शर्मा का एक बहुत बड़ा योगदान माना जाता है और आज भी गोवा में उक्त दोनों नेताओं के और सोशलिस्ट नेताओं की जयंतियां हर्षोल्लास के साथ मनाई जाती है। गुलाम गोवा को पुर्तगाल से आजाद करने में पंडित राम किशन शर्मा और राम मनोहर लोहिया की बड़ी भूमिका रही है। नई पीढ़ी को ऐसे स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष और बलिदान से प्रेरणा लेनी चाहिए।
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स्वतंत्रता सेनानी का होगा नागरिक अभिनंदन: 101 वर्ष पूरा करने पर मथुरा में होगा कार्यक्रम, सरपंच से लेकर संसद तक का किया था राम कृष्ण शर्मा ने सफर तय – Mathura News
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