Thursday, May 28, 2026
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हरियाणा के कांग्रेस विधायक राजबीर फरटिया की बढ़ेंगी मुश्किलें, छात्रा दीक्षा केस में एक साल बाद आया नया मोड़ 


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भिवानी एससी छात्रा दीक्षा सुसाइड केस में एक साल बाद नया मोड़। लोहारू से कांग्रेस विधायक राजबीर फरटिया की बढ़ सकती हैं मुश्किलें !

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भिवानी. हरियाणा के भिवानी जिला के लोहारू कसबे के फरटिया गांव की छात्रा दीक्षा के सुसाइड केस में एक साल बाद नया मोड़ आया है. अब पीड़ित परिवार को न्याय की उम्मीद जगी है. उधर, अब लोहारू से कांग्रेस विधायक राजबीर फरटिया की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं.

दररअसल फरटिया गांव की 22 वर्षीय दलित छात्रा दीक्षा ने 24 दिसंबर 2024 को घर में जान दे दी थी. परिजनों का आरोप था कि कॉलेज की फीस ना देने पर कॉलेज ने दीक्षा को बीए के पांचवें सेमेस्टर के पेपर नहीं देने दिए गए थे.

परिजनों की इस शिकायत पर पुलिस ने कॉलेज संचालक हनुमान और उनके बेटे राहुल के खिलाफ केस दर्ज कर गिरफ्तार किया था. हालांकि, इस केस में लोहारू के विधायक एवं कॉलेज के प्रबंधक राजबीर फरटिया का नाम आने पर केस स्टेट क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर किया गया, लेकिन स्टेट क्राइम ब्रांच के तत्कालीन डीएसपी विवेक चौधरी ने नामजद आरोपियों को क्लीन चिट देते हुए अदालत में क्लोजर रिपोर्ट पेश कर दी थी, जिसके आधार पर दोनों आरोपियों को अंतरिम जमानत मिल गई थी.

इसके बाद पीड़ित परिवार ने पुलिस की जांच और क्लोजर रिपोर्ट पर सवाल खड़े करते हुए राष्ट्रिय एससी आयोग का दरवाज़ा खटखटाया.

मृतका दीक्षा के पिता जगदीश ने कहा है कि पुलिस ने पैसे लेकर या किसी के दबाव में जांच एकतरफा की. राष्ट्रीय एससी आयोग की ओर से संज्ञान लेने के बाद मामले की दोबारा जांच शुरू हुई, जिसमें दीक्षा की असल लिखावट और पेपर की लिखावट मेल नहीं खा रही. उन्होंने अब निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कॉलेज प्रबंधक यानी विधायक राजबीर फरटिया को भी गिरफ्तार करने की मांग की है.

पीड़ित पक्ष के वकील रजत कल्सन ने बताया कि दिल्ली स्थित फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी की रिपोर्ट में यह स्पष्ट हुआ कि उत्तर पुस्तिकाओं में मौजूद लिखावट छात्रा की वास्तविक लिखावट से मेल नहीं खाती. इस रिपोर्ट के आधार पर एसआईटी ने कॉलेज निदेशक हनुमान और उनके बेटे राहुल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की नई  धारा 338 (जालसाजी), धारा 336 (धोखाधड़ी के इरादे से झूठे दस्तावेज बनाना) और धारा 340 के तहत मामले दर्ज किए गए हैं.

वकील का कहना है कि इससे स्पष्ट हो गया है कि विधायक औकर अन्य लोगों ने केस को मेन्यूप्लेट किया. उन्होंने अब मांग की है कि इस मामले में दो आरोपियों को मिला बैल रिज़ल्ट हो तथा विधायक राजबीर फरटिया व लोगों की भी जांच हो तथा उनकी भी जेल होनी चाहिए. गौर रहे कि पूरे प्रदेश में दीक्षा सुसाइड केस काफी सुर्खियों में रहा था. ऐसे में अब विधायक राजबीर फरटिया से फिर से पूछताछ हो सकती है.

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Vinod Kumar Katwal

Vinod Kumar Katwal, a Season journalist with 14 years of experience across print and digital media. I have worked with some of India’s most respected news organizations, including Dainik Bhaskar, IANS, Punjab K…और पढ़ें

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छात्रा दीक्षा केस: कांग्रेस विधायक राजबीर फरटिया की बढ़ेंगी मुश्किलें



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