Sunday, June 21, 2026
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100 साल से बादशाहत! मधुबनी का मशहूर बैजू बम, झोपड़ी में रोज बिक रहा 10000 पीस


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Madhubani Baiju Bam Shop: बिहार में मधुबनी के अरेर में 100 साल पुरानी झोपड़ी वाली बैजू बम आलू बम की दुकान आज भी मशहूर है. यहां सुबह से शाम तक रोज 10000 से 12000 पीस लोग चट कर जाते हैं. यहां स्वाद के दीवानों की भीड़ लगी रहती है.

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मधुबनी: बिहार में मधुबनी जिले के अरेर का बैजू बम 100 साल से मशहूर है. जहां स्वादिष्ट आलू बम मिलता है. यहां एक झोपड़ी में दादा से पिता और अब बेटा दुकानदारी संभाल रहे हैं. मिथिला के कई गीत और किताबों में भी यहां के स्वाद का जिक्र किया गया है. इसके अनोखे स्वाद के लिए लोग दूर दूर से खाने आते है. यहां स्वाद के दीवानों की भीड़ लगी रहती है. आइये जानते हैं क्यों 100 साल से इसकी बादशाहत कायम है.

मैथिली गीत में है बैजू बम की चर्चा

मधुबनी जिले के अरेर में स्थित बैजू बम बम की दुकान है. इसकी प्रसिद्धि इतनी है कि मैथिली के कई गीतों में इसके नाम का जिक्र किया गया है. इसके अलावा मैथिली की सांस्कृतिक झलक भी इसमे दिखाई देती है. कई सारे यहां के लेखक भी किताबों में इसका वर्णन कर चुके हैं. लोकल 18 से बात करते हुए दादा से पिता और पिता से बेटी कुंदन और राजू साह बताते हैं कि मैथिली गाने में भी बैजू बम का नाम सुना है. इसके अलावा कई लोग मिथिला वर्णन पुस्तक जो लिखे हैं. उसमें भी जिक्र है. उन्हें काफी खुशी मिलती है कि यह दुकान इतनी फेमस हो गई है.

जानें 100 साल पुरानी दुकान की कहानी

इस दुकान का नाम बैजू बम दुकानदार ने नहीं, बल्कि खाने वाले ग्राहकों ने दिया है. बता दें कि 70 सालों से इसका नाम यही है, इससे पहले झोपड़ी में यह दुकान चला रही थी. हालांकि अब बैजू बम नाम पेटेंट हो गया है. यहां दादा के हाथों का जादू ऐसा है कि जो लोग यहां उस समय खाने आते थे, वो ही बैजू बम रख दिए. जाति से हलवाई उनके दादा का नाम बैजू शाह था तो लोगों ने उन्हीं के नाम पर आलू बम रख दिया, तब से यह नाम चल रहा है. अगर हम बिक्री की बात करें तो एक दिन में यह लगभग 10-12 हजार पीस की बिक्री कर लेते हैं. यहां दूर दराज से भी लोग स्वाद लेने आते हैं. क्योंकि आलू के बीच में भरा मसाला खास होता है. सबसे अनोखी बात यह कि इतने कमाई के बाद आज भी यह दुकान एक झोपड़ी की है. जहां पर बैजू शाह ने शुरुआत की थी.

100 साल पुराने  स्टाइल में आज भी इसे पकाया जाता है. यहां मिट्टी के चूल्हे पर कोयला की आग और लोहे की बड़ी कढ़ाई चढ़ाई जाती है, जिसमें आलू बम बनाया जाता है. दुकान पर दोपहर से शाम को इतनी भीड़ होती है कि कई बार तो जो लेट से आते हैं उन्हें खाने को भी नसीब नहीं होता है.

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Brijendra Pratap Singh

बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में (2021) लगभग 5 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत डेस्क, दैनिक भास्कर डिजिटल डेस्क के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से News.in में सीनियर कंटें…और पढ़ें



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