संगठन ने घोषणा की है कि 24 से 26 नवंबर तक सभी दवा प्रतिनिधि काली पट्टी पहनकर काम करेंगे।
दवा प्रतिनिधियों के राष्ट्रीय संगठन फेडरेशन ऑफ मेडिकल एंड सेल्स रिप्रजेंटेटिव्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (FMRAI) के आह्वान पर सोमवार को केंद्रीय श्रम आयुक्त कार्यालय के समक्ष एक विशाल धरना और प्रदर्शन आयोजित किया गया। यह प्रदर्शन केंद्र सरकार द्वारा चार श्
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राजस्थान मेडिकल एवं सेल्स रिप्रजेंटेटिव्स यूनियन, जयपुर के जिला सचिव टिंकू यादव ने बताया- दवा उद्योग में दवा प्रतिनिधियों के लिए समान और वैधानिक सेवा शर्तें लागू करने की मांग लंबे समय से केंद्र सरकार के समक्ष लंबित है। इस पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है, जिसका दुष्प्रभाव दवा प्रतिनिधियों पर पड़ रहा है।
कार्यक्रम के अंत में प्रधानमंत्री के नाम केंद्रीय श्रम आयुक्त को एक ज्ञापन सौंपा गया।
उन्होंने केंद्र सरकार से तत्काल त्रिपक्षीय समिति की बैठक बुलाकर दवा प्रतिनिधियों के लिए समान एवं वैधानिक सेवा शर्तें लागू करने की मांग दोहराई। प्रदर्शन के दौरान प्रमुख रूप से राजस्थान राज्य में केंद्र सरकार द्वारा लागू चार श्रम संहिताओं के कानूनों को लागू न करने, सेल्स प्रमोशन एक्ट 1976 को और अधिक प्रभावी बनाने, सरकारी अस्पतालों व संस्थाओं में दवा प्रतिनिधियों के प्रवेश पर लगे प्रतिबंध को हटाने तथा औद्योगिक विवाद अधिनियम की धारा 2(s) में संशोधन कर सेल्स प्रमोशन एंप्लॉयज को कामगार का दर्जा दिए जाने की मांगें उठाई गईं।
धरने के दौरान प्रदर्शनकारियों ने चार श्रम संहिताओं की प्रतियों को जलाकर अपना विरोध दर्ज कराया। कार्यक्रम के अंत में प्रधानमंत्री के नाम केंद्रीय श्रम आयुक्त को एक ज्ञापन सौंपा गया। इस प्रदर्शन में 100 से अधिक दवा प्रतिनिधि उपस्थित थे। प्रधानमंत्री को ईमेल के माध्यम से भी ज्ञापन भेजा गया।
संगठन ने घोषणा की है कि 24 से 26 नवंबर तक सभी दवा प्रतिनिधि काली पट्टी पहनकर काम करेंगे। साथ ही, आगामी समय में इस आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी भी दी गई।

