राज्यसभा में उपसभापति के चुनाव के बाद सदन में दिलचस्प और गंभीर दोनों तरह का माहौल देखने को मिला, जब कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने अपने अंदाज में बात रखी. खरगे ने सबसे पहले हरिवंश नारायण सिंह को लगातार तीसरी बार उपसभापति बनने पर बधाई दी और कहा कि यह उनके अनुभव और क्षमता का ही नतीजा है कि उन्हें फिर से यह जिम्मेदारी मिली है. उन्होंने इसे ‘एक मिसाल’ बताते हुए कहा कि हरिवंश इस पद पर आने वाले पहले मनोनीत सदस्य हैं, जो अपने आप में खास बात है. लेकिन इसके साथ ही खरगे ने एक बड़ा मुद्दा भी उठा दिया. उन्होंने कहा कि जहां राज्यसभा में उपसभापति का पद जल्दी भर दिया गया, वहीं लोकसभा में उपाध्यक्ष का पद पिछले 7 साल से खाली पड़ा है. उन्होंने इस पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह संविधान की भावना के खिलाफ है और लोकतंत्र के लिए ठीक संकेत नहीं देता. खरगे ने अपने अंदाज में इस मुद्दे को हल्के-फुल्के तंज के साथ भी उठाया. उन्होंने बताया कि जब भी वह संसद के गेट नंबर 7 से गुजरते हैं, तो उस बंद कमरे पर लगा ताला देखकर उन्हें यह बात याद आती है. उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि ‘क्या उस दरवाजे को खोलने के लिए खुल जा सिम सिम’ कहना पड़ेगा?’

