Tuesday, September 15, 2026
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वोटर लिस्ट की लड़ाई कहां तक जाएगी? EC ने तेजस्वी और राहुल के दावों की खोली पोल


नई दिल्ली. मतदाता सूची पर चुनाव आयोग (ईसी) ने राहुल गांधी और तेजस्वी यादव दोनों के बयानों और सवालों को खारिज किया है, तो दूसरी तरफ तेजस्वी यादव के दूसरे EPIC नंबर की जांच भी शुरू कर दी है. चुनाव आयोग के सूत्रों के मुताबिक EPIC नंबर फर्जी भी हो सकता है. हालांकि, अभी जांच पूरी नहीं हुई है. मतदाता सूची पर विपक्ष का हमला और चुनाव आयोग का पलटवार लगातार बढ़ता जा रहा है.

बिहार में SIR की ड्राफ्ट मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद विपक्ष की चुनाव आयोग से लड़ाई बढ़ गई है. एक तरफ तेजस्वी यादव ने अपने नाम का ड्राफ्ट मतदाता सूची से कटने का जैसे ही दावा किया, चुनाव आयोग ने सबसे पहले तेजस्वी यादव का नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में साफ-साफ दिखा दिया और दूसरी तरफ तेजस्वी की तरफ से दिखाई गई दूसरे EPIC नंबर की जांच भी शुरू कर दी है. चुनाव आयोग के सूत्रों के मुताबिक अब तक की जांच में 10 महत्वपूर्ण बातें सामने आई हैं…

पहला: तेजस्वी प्रसाद यादव ने वर्ष 2020 में अपने नामांकन पत्र के हलफनामे में EPIC संख्या RAB0456228 वाले निर्वाचक नामावली का उपयोग किया था.

दूसरा: तेजस्वी प्रसाद का नाम 1 अगस्त को SIR के अनुसार प्रकाशित ड्राफ्ट मतदाता सूची में मौजूद है.

तीसरा: तेजस्वी का दावा निराधार है कि उनका नाम हटा दिया गया है, पहले ही चुनाव आयोग द्वारा खंडित किया जा चुका है.

चौथा: वर्ष 2015 की मतदाता सूची में भी उनका यह EPIC नंबर मौजूद था.

पांचवां: ड्राफ्ट मतदाता सूची में इस EPIC नंबर के साथ उनका नाम दर्ज है.

छठा: दूसरी EPIC संख्या RAB2916120 अस्तित्वहीन पाई गई है.

सातवां: पिछले दस वर्षों से अधिक पुराने रिकॉर्डों की जांच की गई है.

आठवां: अब तक दूसरी EPIC संख्या के लिए कोई भी रिकॉर्ड नहीं मिला है.

नौवां: यह अत्यधिक संभावित है कि दूसरी EPIC संख्या कभी भी आधिकारिक माध्यम से नहीं बनाई गई थी.

दसवां: यह समझने के लिए आगे जांच जारी है कि दूसरी EPIC संख्या की असलियत क्या है, और क्या वह एक जाली दस्तावेज़ है…

दरअसल, अब तक की जांच में चौंकाने वाली बात है कि दूसरी EPIC संख्या संभव है कि आधिकारिक तौर पर नहीं बनाई गई और न तो इसका रिकॉर्ड मिला. तेजस्वी यादव ने इससे पहले दावा किया था कि चुनाव आयोग की SIR की ड्राफ्ट मतदाता सूची में उनका नाम ही नहीं है. चुनाव आयोग ने न सिर्फ तेजस्वी के दावे को खारिज किया, बल्कि जब तेजस्वी ने SIR पर दस सवाल चुनाव आयोग से पूछे तो चुनाव आयोग ने फैक्ट चेक में सभी सवालों को भ्रामक और निराधार बताया और साफ किया कि एक महीने का वक्त दावे और आपत्ति के लिए है. हालांकि, चुनाव आयोग के SIR पर न सिर्फ आरजेडी बल्कि कांग्रेस ने तेजस्वी का बचाव करते हुए साफ कहा कि SIR की कार्रवाई बिहार में जल्दबाजी में हो रही है.

हालांकि, तेजस्वी के दावे और विपक्ष के SIR के सवालों को सत्ता पक्ष भी बेबुनियाद बता रहा है और तेजस्वी यादव से माफी की मांग कर रहा है. एक तरफ तेजस्वी यादव के दावे और चुनाव आयोग का जवाब था, तो दूसरी तरफ चुनाव आयोग ने राहुल गांधी के दावे को भी भ्रामक और बेबुनियाद बताया. दरअसल, राहुल गांधी ने कांग्रेस के एक कार्यक्रम में दावा किया कि वह मतदाता सूची पर Atom Bomb लाने वाले हैं कि कैसे कांग्रेस की जांच में 6.5 लाख मतदाताओं में से 1.5 लाख फर्जी पाए गए.

चुनाव आयोग ने अपने फैक्टचेक में राहुल गांधी के दावे को भ्रामक करार दिया और साफ किया कि लोकसभा चुनाव में मतदाता सूची की तैयारी के दौरान कांग्रेस की तरफ से कोई भी गड़बड़ी की अपील नहीं की गई और लोकसभा चुनाव के नतीजे के बाद कांग्रेस के सिर्फ आठ हारे हुए उम्मीदवारों ने चुनाव याचिका दाखिल की. चुनाव आयोग ने अपने फैक्ट चेक के साथ 12 जून को राहुल गांधी को लिखा पत्र भी सार्वजनिक किया, जिसमें राहुल गांधी को मतदाता सूची से जुड़ी शिकायतों पर चर्चा के लिए आमंत्रित किया गया, लेकिन राहुल गांधी से कोई जवाब नहीं मिला. एक तरफ विपक्ष का दावा दूसरी तरफ चुनाव आयोग का फैक्ट चेक. मतदाता सूची की लड़ाई अभी जारी रहेगी.



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