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Bollywood movies Insulting Gods : बॉलीवुड की फिल्मों बनाई गईं जो देवी-देवताओं की आस्था पर केंद्रित थीं. इन फिल्मों में 1975 में आई फिल्म ‘जय संतोषी मां’ ने बॉक्स ऑफिस के साथ-साथ भारतीय जनमानस के मन में अमिट छाप छोड़ी थी. दिलचस्प बात यह है कि जय संतोषी मां फिल्म 1975 में शोले मूवी के साथ ही रिलीज हुई थी. उस समय थिएटर्स पर सिक्कों की बारिश हुआ करती थी. बॉलीवुड में कई फिल्में ऐसी भी आईं जिनमें एक्टर को हिंदू देवताओं और भगवान मूर्ति से नफरत करते हुए दिखाया गया. इन फिल्मों का विरोध भी हुआ लेकिन बॉक्स ऑफिस पर ये सभी फिल्में बहुत ज्यादा सफल रहीं.
बॉलीवुड की कई फिल्में तो हिंदू देवी-देवताओं की कहानी पर बेस्ड रहीं. कुछ फिल्मों में पूरी कहानी के दौरान एक-दो सींस ऐसे भी देखने को मिलते थे जिनमें हीरो मंदिर में घुसने और भगवान से आशीर्वाद लेने से ही इनकार कर देता था. कुछ फिल्मों में भगवान की मूर्ति के पास जाकर हीरो को गुस्सा जाहिर करते हुए दिखाया गया. दिलचस्प तथ्य यह है कि इनमें से कई फिल्मों के सीन यादगर बन गए और ये फिल्में ब्लॉकबस्टर निकलीं. ऐसी ही हम 4 फिल्मों की चर्चा करने जा रहे हैं.

‘आज! खुश तो बहुत होगे तुम…’ दीवार फिल्म में अमिताभ बच्चन के इस डायलॉग को भला कौन भुला सकता है. यह मंदिर बिड़ला मंदिर था जिसमें अमिताभ यह डायलॉग बोलते हैं. अमिताभ बच्चन को इस फिल्म में एक नास्तिक के रूप में दिखाया गया था. हालांकि असल जिंदगी में बच्चन आस्तिक हैं. इस डायलॉग को बोलने के लिए दिनभर कमरे में बंद रहे थे. रात में 11 बजे यह शॉट उन्होंने दिया था. 24 जनवरी 1975 में आई यह फिल्म ब्लॉकबस्टर साबित हुई थी. दीवार फिल्म की स्क्रिप्ट सलीम-जावेद ने लिखी थी. फिल्म में हमें अमिताभ बच्चन, शशि कपूर, निरुपा रॉय, नीतू सिंह, परबीन बाबी, मदन पुरी और जगदीश राज जैसे सितारे नजर आए थे. फिल्म का डायरेक्शन यश चोपड़ा ने किया था. फिल्म के गाने भी बहुत पॉप्युलर हुए थे. 1975 में सबसे ज्यादा पैसे कमाने के मामले में यह चौथे नंबर पर थी.

2000 में आई ‘मोहब्बतें’ मूवी में भी हमें ऐसा ही कुछ सीन देखने को मिला था. आदित्य चोपड़ा के निर्देशन में बनी इस फिल्म में शाहरुख खान मंदिर के अंदर जाने और प्रसाद लेने से इनकार कर देते हैं. फिल्म में हमें अमिताभ बच्चन, शाहरुख खान, जिमि शेरगिल, शमिता शेट्टी, प्रीति झिगयानी, जुगल हंसराज, उदित चोपड़ा और ऐश्वर्या राय नजर आई थीं. फिल्म का म्यूजिक सुपर हिट रहा था. फिल्म को चार फिल्म फेयर अवॉर्ड मिले थे. यह फिल्म अमिताभ बच्चन के करियर का टर्निंग प्वाइंट साबित हुई थी और बॉलीवुड में उनकी दोबारा वापसी कराई थी.

2012 में ‘भगवान के सबजेक्ट’ पर एक विवादास्पद फिल्म ओह माय गॉड (ओएमजी) आई थी. इस फिल्म में भी हिंदू देवी-देवताओं का मजाक उड़ाने बताने वाला बताया गया था. ओएमजी को भी सिनेमाघरों में बैन करने की मांग की थी. हालांकि फिल्म ने यह दिखाने की कोशिश की थी कि भगवान अपने भक्तों से क्या चाहते हैं. आज इसकी गिनती कल्ट फिल्मों में होती है. फिल्म में हमें अक्षय कुमार, परेश रावल, मिथुन चक्रवर्ती और गोविंद नामदेव लीड रोल में नजर आए थे. फिल्म का डायरेक्शन उमेश शुक्ला ने किया था.

2012 में सबसे ज्यादा पैसा कमाने के मामले में यह फिल्म 11वें नंबर पर रही थी. फिल्म की कहानी 2004 में आई मूवी ‘The man who sued God’ से प्रेरित थी. उमेश शुक्ला ने अपने राइटर साथियों के साथ मिलकर गुजराती प्ले लिखा थ. इस प्ले के 150 से ज्यादा शो किए गए थे. परेश रावल ने ही इन प्ले में कांजी भाई का रोल किया था. अक्षय कुमार ने फिल्म को प्रोड्यूस किया था. फिल्म के मेकर्स के खिलाफ जालंधर में केस भी दर्ज किया गया था.

2014 में आई पीके फिल्म का सब्जेक्ट बहुत ही विवादास्पद था. फिल्म को लेकर पूरे देश में विरोध-प्रदर्शन देखने को मिले थे. फिल्म में हिंदू देवी-देवताओं का बहुत ज्यादा मजाक उड़ाया गया था. पीके फिल्म 19 दिसंबर 2014 में रिलीज हुई थी. फिल्म की कहानी अजिताभ जोशी और राजकुमार हिरानी ने लिखी थी. पीके फिल्म ने रिलीज के 13 दिन में ही कमाई के सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए थे. यह 2014 की सबसे ज्यादा फिल्म थी. लीड एक्टर आमिर खान के पुतले तक जलाए गए थे.

फिल्म का सबसे विवादित सीन था जिसमें आमिर खान एक नाटक में भगवान शिव का रोल करने वाले कलाकार का त्रिशूल लेकर भाग जाते हैं और टॉयलेट में बंद कर देते हैं. फिल्म के डायरेक्टर राजकुमार हिरानी ने अपने एक इंटरव्यू में कहा था, ‘फिल्म में दो भगवान दिखाए गए हैं. एक तो जिसने हमें बनाया है और एक जिसे हमने बनाया है. जिसने हमें बनाया है, उसके बारे में हमें कुछ नहीं पता लेकिन जिसे हमने बनाया है, उसे हमारी तरह ही नाम, फेम, पैसे चाहिए. यही फिल्म का मूल भाव था.’

