Monday, October 19, 2026
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इंदौर में 15 मौतों से नहीं लिया सबक, गांधीनगर में 100 से ज्यादा टाइफाइड के शिकार, बेंगलुरु में नल से आ रहा सीवेज


इंदौर/गांधीनगर/बेंगलुरु. मध्य प्रदेश के इंदौर में दूषित पानी (Contaminated Water) से हुई 15 मौतों का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि अब देश के दो और बड़े शहरों से डराने वाली खबरें आ रही हैं. गुजरात की राजधानी गांधीनगर और आईटी सिटी बेंगलुरु में भी गंदे पानी ने कहर बरपाना शुरू कर दिया है. इंदौर में हुई मौतों के बाद केंद्रीय जांच में पता चला है कि वहां वाटर स्टैंडर्ड्स (Water Standards) बेहद खराब हैं. इंदौर के सैंपल में सिर्फ 33% पानी ही पीने लायक (Potable) पाया गया है. अब यही लापरवाही गांधीनगर और बेंगलुरु में भी लोगों की जान पर भारी पड़ रही है, जहां सैकड़ों लोग बीमार पड़ गए हैं.

गुजरात के गांधीनगर में पिछले पांच दिनों के अंदर हालात बिगड़ गए हैं. यहां दूषित पानी पीने की वजह से 100 से ज्यादा संदिग्ध टाइफाइड (Typhoid) के मामले रिपोर्ट किए गए हैं. मरीजों की संख्या इतनी बढ़ गई है कि सिविल अस्पताल में इलाज चल रहा है. प्रशासन ने आनन-फानन में प्रभावित इलाकों में हेल्थ सर्वे शुरू किया है. जांच में सामने आया है कि इन इलाकों में पीने के पानी में गंदगी मिली हुई थी, जिसके कारण लोग बीमार पड़ रहे हैं.

बेंगलुरु में नल से आ रहा सीवेज: बेंगलुरु के लिंगराजपुरम इलाके में हालात इंदौर जैसे होते जा रहे हैं. यहां पीने के पानी की सप्लाई में सीवेज (Sewage) का पानी मिक्स हो रहा है. यह समस्या पिछले 2-3 महीनों से बनी हुई है.

गंभीर लक्षण: गंदा और काला पानी पीने से लोगों को उल्टी, पेट दर्द और बुखार की शिकायत हो रही है.

अस्पताल में भर्ती: पिछले 10 दिनों में स्थिति ज्यादा खराब हुई है. कई बुजुर्गों को गंभीर डायरिया (Diarrhea) के कारण अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है.

BWSSB फेल: लोगों का आरोप है कि दिसंबर से शिकायत करने के बावजूद बेंगलुरु वाटर सप्लाई बोर्ड (BWSSB) लीकेज नहीं ढूंढ पाया है.

इंदौर हादसे से नहीं लिया सबक: इंदौर की घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया है, जहां गंदे पानी ने 15 लोगों की जान ले ली. इसके बावजूद अधिकारियों पर कोई सख्त क्रिमिनल एक्शन नहीं लिया गया. उन्हें सिर्फ ‘शो कॉज नोटिस’ (Show Cause Notice) देकर खानापूर्ति की गई है. जनता में इस बात को लेकर भारी गुस्सा है कि अधिकारियों पर ‘कल्पेबल होमीसाइड’ (गैर-इरादतन हत्या) का केस दर्ज क्यों नहीं किया गया.

जनता के पैसे बर्बाद, सेहत भी खराब: बेंगलुरु में लोगों ने अपने पानी के टैंक (Sumps) साफ करवाने में हजारों रुपये खर्च कर दिए हैं, लेकिन पानी फिर भी बदबूदार आ रहा है. सरकार की प्राथमिकताओं पर अब सवाल उठ रहे हैं. एक तरफ स्मार्ट सिटी की बातें हो रही हैं, वहीं दूसरी तरफ लोगों को पीने का साफ पानी तक नसीब नहीं हो रहा है. लोग मांग कर रहे हैं कि लापरवाह अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए.



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