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Filmmakers Who directed Son’s Film: वरुण धवन, पूजा हेगड़े और मृणाल ठाकुर स्टारर फिल्म ‘है जवानी तो इश्क होना है’ अगले महीने रिलीज के लिए तैयार है. फिल्म का निर्देशन वरुण धवन के पिता डेविड धवन कर रहे हैं. दिग्गज डायरेक्टर ने हिंट दिया कि ये उनकी आखिरी फिल्म हो सकती है. बेटे के साथ काम करने के बाद डेविड धवन फिल्ममेकिंग से रिटायर हो सकते हैं. हालांकि उन्होंने बेटे को इंडस्ट्री में लॉन्च करने से साफ मना कर दिया था. डेविड चाहते थे कि बेटा वरुण फिल्मों में अपने दम पर पहचान बनाए.
नई दिल्ली. वरुण धवन ने करण जौहर की फिल्म ‘स्टूडेंट ऑफ द ईयर’ से एक्टिंग डेब्यू किया था. इस फिल्म से आलिया भट्ट और सिद्धार्थ मल्होत्रा ने भी फिल्मों की दुनिया में कदम रखा था. पहली ही फिल्म से वरुण दर्शकों पर अपना असर छोड़ने में सफल रहे. उनके अभिनय को काफी सराहा गया था.

वरुण के एक्टिंग डेब्यू के बाद डैडी डेविड ने एक्टर की कई फिल्मों को डायरेक्ट किया. साल 2014 में ‘मैं तेरा हीरो’, फिर ‘जुड़वा 2’, ‘कूली नंबर 1’ और अब ‘है जवानी तो इश्क होना है’. दिग्गज फिल्ममेकर अपने बेटे पर कई बार करोडों का दांव लगा चुके हैं. भले ही डेविड ने अपने बेटे को फिल्मों में लॉन्च नहीं किया, लेकिन उन्होंने वरुण धवन का करियर बनाने की पूरी कोशिश की.

बॉलीवुड के कई फिल्ममेकर्स अपने बेटों पर लाखों, करोड़ों का दांव लगा चुके हैं. सुनील दत्त से राज कपूर तक कइयों ने अपने बच्चों को फिल्मों में लॉन्च करने का जिम्मा खुद उठाया. तो चलिए जानते हैं उन फिल्ममेकर्स के बारे में-
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राकेश रोशन सबसे पसंदीदा फिल्म निर्माताओं में से एक हैं. उन्होंने साल 2000 में फिल्म ‘कहो ना प्यार है’ से बेटे ऋतिक रोशन को लॉन्च किया था. ऋतिक रोशन और राकेश रोशन की जोड़ी की पहली ही फिल्म ने बॉक्स-ऑफिस पर इतिहास रच दिया था. फिल्म ब्लॉकबस्टर रही. इसके बाद दोनों ने साथ में ‘कोई… मिल गया’ (2003), ‘कृष’ (2006) और ‘कृष 3’ जैसी फिल्मों में काम किया.

‘कोई मिल गया’ से राकेश रोशन ने हिंदी फिल्मों में साइंस-फिक्शन मूवी की नींव रखी. सभी फिल्में बॉक्स-ऑफिस पर जबरदस्त हिट रहीं और बंपर कमाई की. अब राकेश रोशन की ‘कृष’ फ्रेंचाइजी की अगली फिल्म ‘कृष 4’ के निर्देशन की कमान ऋतिक रोशन संभालने जा रहे हैं. एक्टिंग में शानदार करियर के बाद एक्टर अब निर्देशन से नई शुरुआत करेंगे.

धर्मेंद्र के बेटे सनी देओल ने फिल्मों पर कई दशक तक राज किया. उन्होंने एक्शन हीरो के तौर पर अपनी ऐसी पहचान बनाई जिसे कोई मात नहीं दे पाया. सनी देओल ने अपने बेटे को फिल्मों में लॉन्च करने के लिए निर्देशन की कमान भी संभाली. उन्होंने साल 1999 में फिल्म ‘दिल्लगी’ से निर्देशन की शुरुआत की और फिर 2016 में ‘घायल वन्स अगेन’ का निर्देशन किया.

इसके बाद 2019 में उन्होंने बतौर निर्देशक वापसी करते हुए अपने बेटे करण देओल को फिल्म ‘पल पल दिल के पास’ के जरिए लॉन्च किया. इस फिल्म में उनके साथ साहेर बाम्बा नजर आईं. विजयता फिल्म्स के बैनर तले बनी यह फिल्म देओल परिवार की फिल्मी विरासत को आगे बढ़ाने की दिशा में एक अहम कदम साबित हुई, लेकिन सनी देओल के बेटे करण फिल्मों में कुछ खास पहचान नहीं बना पाए.

राज कपूर ने अपने बेटे ऋषि कपूर को फिल्मों में लॉन्च किया था. उन्होंने पहली बार ऋषि कपूर को ‘मेरा नाम जोकर’ (1970) में स्क्रीन पर पेश किया था. इस फिल्म में ऋषि ने अपने पिता राज कपूर के बचपन का रोल अदा किया था. यह उनके टैलेंट की शुरुआती झलक थी. 1973 में राज कपूर ने बेटे ऋषि को ‘बॉबी’ से लीड एक्टर के तौर पर लॉन्च किया था.

इस फिल्म का निर्देशन राज कपूर ने किया था. यह रोमांटिक ड्रामा न सिर्फ उनकी स्क्रीन प्रेजेंस और चार्म को दिखाता है, बल्कि उन्हें उस समय का यूथ आइकॉन भी बना दिया. यादगार साउंडट्रैक और नई कहानी के साथ ‘बॉबी’ बड़ी हिट साबित हुई और इसे ऋषि कपूर के बॉलीवुड सफर की असली शुरुआत माना जाता है. उसके बाद ऋषि कपूर ने रोमांटिक लीड हीरो के तौर पर कई दशक तक फिल्मों पर राज किया था.

संजय दत्त को उनके पिता सुनील दत्त ने ‘रॉकी’ फिल्म से लॉन्च किया था, जिसे अमरजीत ने प्रोड्यूस किया था. इस रोमांटिक ड्रामा में शानदार म्यूजिक था और संजय दत्त को हिंदी सिनेमा में बड़े स्तर पर पेश किया गया. यह फिल्म कमर्शियल हिट रही और संजय दत्त के बॉलीवुड सफर की मजबूत शुरुआत साबित हुई. इन दिनों संजय दत्त हीरो नहीं विलेन बन पर्दे पर कहर ढा रहे हैं. एक्टर एक बार फिर अपनी ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘खलनायक रिटर्न्स’ में नजर आने वाले हैं.

2011 में पंकज कपूर, जो एक बेहतरीन कलाकार हैं, ने अपने बेटे शाहिद कपूर को उनकी डेब्यू वार रोमांटिक ड्रामा ‘मौसम’ में निर्देशित किया. इस फिल्म में सोनम कपूर भी लीड रोल में थीं. फिल्म को मिले-जुले रिव्यू मिले और यह बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप हो गई.

