अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में पकड़ा गया फर्जी डॉक्टर मोहम्मद इस्लाम निजी अस्पताल के लिए काम कर रहा था। जेएन मेडिकल कॉलेज की नर्सों की मिलीभगत से दो साल से यह खेल चल रहा था। पूछताछ में सामने आया है कि मरीजों को गंभीर बीमारी का डर दिखाकर मरीजों को निजी अस्पताल भेजता था। इसके लिए मेडिकल के बाहर खड़ी एंबुलेंस का सहारा लिया जाता था। अब पुलिस एंबुलेंस माफिया और मेडिकल कॉलेज में चल रहे फर्जीवाड़े के रैकेट की जांच में जुटी है। संभल के असमोली क्षेत्र का रहने वाला मोहम्मद इस्लाम गले में स्टेथोस्कोप लटकाकर और डॉक्टरों वाली स्क्रब ड्रेस पहनकर अस्पताल में घूमता था। इससे किसी को उस पर शक नहीं होता था। वीआईपी ट्रीटमेंट के नाम पर लेता था रुपए पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी बेहद शातिर तरीके से काम करता था। वह मरीजों और उनके तीमारदारों को बीमारी की गंभीरता बताकर डरा देता था। वह मरीजों को झांसा देता था कि सरकारी मेडिकल कॉलेज में सुविधाएं कम हैं और यहां इलाज में बहुत वक्त लगेगा। वह एंबुलेंस के जरिए मरीजों को शहर के निजी अस्पतालों में शिफ्ट करवा देता था, जहां से उसे मोटा कमीशन मिलता था। मेडिकल कॉलेज के अंदर ही बेहतर और वीआईपी ट्रीटमेंट दिलाने के नाम पर वह लोगों से हजारों रुपए ऐंठता था। जूनियर डॉक्टरों के साथ करता था राउंड आरोपी सीनियर डॉक्टरों के राउंड के समय जूनियर डॉक्टरों की टोली में शामिल हो जाता था। वह डॉक्टरों द्वारा दी जाने वाली सलाह और दवाओं को नोट करता था ताकि मरीजों के सामने खुद को असली डॉक्टर साबित कर सके। उसके मोबाइल से कई डॉक्टरों, नर्सों और दवा विक्रेताओं के नंबर मिले हैं। डेढ़ महीने की रेकी के बाद चढ़ा हत्थे प्रॉक्टर प्रो. नवेद खान ने बताया कि प्रॉक्टोरियल टीम को उसकी गतिविधि पर कुछ शक हुआ था। इसलिए टीम पिछले डेढ़ महीने से उस पर नजर रख रही थी। एक बार उसे पकड़ने की कोशिश की गई, लेकिन वह महिला डॉक्टरों के रेस्ट रूम में घुस गया था। मंगलवार सुबह 11 बजे उसे प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग से दबोच लिया गया। आरोपी के पास से 3 सर्जिकल ब्लेड, स्टेथोस्कोप और डॉक्टरों की वर्दी, इन्वेस्टिगेशन फॉर्म, नई और इस्तेमाल की हुई सिरिंज, ब्लड और यूरिन सैंपल की वायल बरामद हुई हैं। पहले भी पकड़े हैं फर्जी डॉक्टर सिविल लाइन थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और जालसाजी कर डॉक्टर बनने की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अब उन निजी अस्पतालों और एम्बुलेंस चालकों की तलाश कर रही है जो इस गिरोह का हिस्सा थे। जेएन मेडिकल कॉलेज में पहले भी 2017 में इसी तरह एक फर्जी डॉक्टर पकड़ा जा चुका है। पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी ज्यादातर रघुवीरपुरी के एसएन हॉस्पिटल में मरीजों को भेजता था। बैंक खातों से लेन–देने के प्रमाण मिले सीओ तृतीय सर्वम सिंह ने बताया कि आरोपी से पूछताछ की गई है। मेडिकल कॉलेज पर खड़े होने वाले दलालों के पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जाएगा। आरोपी के खाते में संदिग्ध लेन–देन भी मिला है। आरोपी को जेल भेजा जा चुका है।
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JNMC से निजी अस्पताल भेजे जाते थे मरीज: AMU के मेडिकल कॉलेज में दो साल से मरीजों का इलाज कर रहा फर्जी डॉक्टर भेजा जेल – Aligarh News
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