Friday, May 29, 2026
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CBSE आंसर शीट विवाद: बोले प्रधान- 13 लाख विद्यार्थी संतुष्ट, सिर्फ 4 लाख ने मांगी कॉपियां


Dharmendra Pradhan Exclusive Interview: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से न्‍यूज 18 इंडिया ने खास बातचीत की. इस दौरान प्रधान ने कहा कि सीबीएसई 12वीं की परीक्षा 17 लाख स्‍टूडेंटस ने दी थी जिसमें से सिर्फ 4 लाख ने अपनी आंसर शीट की स्‍कैन कॉपी मांगी थी मतलब साफ है कि लगभग 13 लाख स्‍टूडेंट अपने रिजल्‍ट से संतुष्‍ट हैं.बाकी कुछ विसंगतियां ध्‍यान में आई हैं जिन्‍हें ठीक कर लिया गया है. यहां पढिए पूरे सवाल और जवाब…

सवाल: नीट वगैरह की परीक्षाओं को लेकर देशभर में काफी सवाल उठ रहे हैं और विपक्ष भी काफी निशाना साध रहा है? धर्मेंद्र जी पहला सवाल तो यही है सीबीएसई ऑन स्क्रीन मार्किंग तमाम चीजें. काफी सवाल उठ रहे हैं, बच्चों को कह रहे हैं की ट्रॉमा हो गया, क्या आपको लगता है इससे मानसिक तनाव भी हुआ है? पूरे इस समाज में और क्या दोषियों को कार्रवाई पर सजा होगी?

जवाब: देखिए इन दिनों में जो घटनाएं हुई उसमें से छात्रों के मन में स्टूडेंट्स के मन में कुछ स्ट्रेस आई है. उनकी मेंटल हेल्‍थ के ऊपर एक प्रश्न है इसको मैं उसके मैं इसको स्वीकार करता हूं जो नहीं होनी चाहिए. नीट का रीअग्जामिनेशन कराया जा रहा है. निश्चित रूप में नीट अभ्यार्थियों को एक चिंता में डाला, अभी जो सीबीएसई ओएस एम को लेकर एक हुई है.ये भी ठीक हो जाएगा. रीनीट की एग्जामिनेशन डेट घोषणा हो गई है. बच्चे उस पर तैयारी में लग चुके हैं. पढ़ाई में लग चुके हैं और उसकी व्यवस्था को उपलब्ध कराने के लिए एनटीए और भारत सरकार समेत राज्य सरकारें लगी हैं. उस दिशा में काम करना शुरू कर दिया है. और जहां तक सीबीएसई आंसर शीट के ओएसएम की बात है तो कुल मिलाकर 17 लाख विद्यार्थी बारहवीं में परीक्षा दिए थे. 13 लाख विद्यार्थी अपने रिजल्ट को लेकर संतुष्ट है. वो सेटल्ड है. बाकी जो 4 लाख विद्यार्थी हैं जिन्‍होंने अपनी कॉपियां मांगी हैं. इससे पहले भी 2.5 लाख विद्यार्थी रीवैल्‍यूएशन और री अससमेंट के लिए आते थे.इस बार रीवैल्यूएशन के लिए रीअसेसमेंट के लिए इस बार उनकी संख्या 4 लाख हो गई है.उनकी भी व्यवस्था हो गई है. उनकी भी अभी एक दो दिनों में उनके पास 11 लाख आंसर शीट पहुंच गया है. 4 लाख विद्यार्थियों के पास 11 लाख आंसर शीट पहुंच गई है स्कैन हो के. उनमें से भी कुछ विसंगति ध्यान में आई थी. उसको भी समाधान कर लिया गया है.अगर उस 11 लाख में भी जो मन में प्रश्न रहेगा और स्पेसिफिक क्वेश्चन के ऊपर उनके मन में आएगा कि इसमें मेरे को ज्यादा मिल सकता था उनको भी अवसर मिलेगा. अभी वो ऑनलाइन एक बार फिर री सबमिट करके अपना विषय रख सकते हैं जो कि सीबीएसई की पुरानी परंपरा है. पिछली बार जब भी इन्होंने ऑसर शीट के लिए पोर्टल खोला उस समय में थोड़ा लोड ज्यादा आया. उसमें थोड़ा ग्लीच,थोड़ा व्यवधान आया था.

सवाल-क्या सीबीएसई आंसर शीट को लेकर कोई नई व्‍यवस्‍था हो रही है?

जवाब: सीबीएसई आंसर शीट के मामले में तमाम नई टेक्नोलॉजी के माध्यम से काम किया जा रहा है.इसमें आईआईटी कानपुर और आईआईटी मद्रास दोनों के अच्छे प्रोफेसर उसको दुरुस्त करने में लगे हैं.सीबीएसई की अपनी टेक्नोलॉजी टीम भी उस पर काम कर रही है.जो गोव डॉट इन की टीम भी उस काम पर लगी है.उसके अलावा पिछली बार पेमेंट गेटवे में भी प्रश्न आया था इसीलिए पेमेंट को दुरुस्त करने के लिए चार बैंकों से बातचीत की गई है.बैंकों का प्रॉपर इंटिग्रेशन हो गया है. इंडियन बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, कनाडा बैंक और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ये चारों की ठीक से इंटिग्रेशन हो गए हैं. हम जल्द ही लाइव हो जाएंगे. व्यवस्था सुधर जाएगी.

सवाल-धर्मेन्द्र जी इसे बहुत बड़ी ह्यूमन और टेक्निकल चूक मानी जा रही है. इसको कि टेक्निकल चूक भी हो गई. ह्यूमन चूक हो गई क्या? दोषियों पर कार्रवाई हो पाएगी? या रिस्पांसिबिलिटी तय होगी? जनता के सामने एक सवाल ये भी है कि इसमें 22 लाख बच्चे इन्वॉल्व्ड थे तो कम से कम उतने पेरेंट्स भी इन्वॉल्व होते है इसमें…

जवाब-उससे ज्यादा ही पेरेंट्स इन्वॉल्व्ड है और देश की सबकी श्रद्धा इसमें जुटी हुई है.नीट पेपर लीक मामले में ये कहना चाहूंगा कि समाज में जो परीक्षा माफिया घूम रहे हैं,एक सामाजिक व्याधि के रूप में उनको परिवर्तित कर चुके हैं.उनको जड़ से उखाड़ने का काम करने की आवश्यकता है. सीबीआई उस काम पर लगी है जो भी लोग इसमें शामिल हैं इस इलीगल प्रैक्टिस में लगे थे उस सब को ढूंढ निकाला जाएगा. वो कितने भी ताकतवर हो उसको कानून की सीमा में रखा जाएगा और हम तो चाहते हैं कि सीबीआई की स्पेशल कोर्ट के माध्यम से इनका अर्ली ट्रायल हो जाए जिससे उनको जल्‍दी से जल्‍दी दंड मिले. तब इस गुनाहगारों को एक सबक मिलेगा और दहशतगर्दों को एक मैसेज भी जाएगा.

सवाल-धर्मेन्द्र जी एक जीरो टॉलरेंस की पॉलिसी थी. प्रधानमंत्री मोदी ने और आप लगातार अपने तमाम मंत्रालयों में लागू करते रहे, क्या उस पे कोई झटका लगा है? इससे क्या उसकी भरपाई आप लोग कर रहे हैं?

जवाब-नहीं,देखो आपको जिम्मेवारी तो लेनी पड़ेगी.जब हमलोगों को नीट के पेपर के बारे में सात मई को जानकारी सामने आई.ये जानकारी एन टीए को मिली. हम लोगों ने 12 तारीख तक इस पर विचार किया. आठ तारीख तक स्पष्ट हो गया था कि ये कॉंप्रमाइज हुआ है, कहां से कॉंप्रमाइज हुई है? अभी सीबीआई निकाल के बाहर कर रही है तो हमको एजेंसियों से पता चल गया था की ये कॉंप्रमाइज हो गई है.आखिरकार हमने 12 तारीख को इस कैंसिल किया. इस एग्जामिनेशन को हमने 15 तारीख को नई डेट घोषित कर दी. हमारी प्रायरिटी है कि एक भी सही बच्चा इन परीक्षा माफियाओं की षड्यंत्र से अपना अधिकार को ना खोए अपने बौद्धिक ताकत से ना वंचित हो इसीलिए हमने ये निर्णय लिया और यही तो जीरो टॉलरेंस है ना. हमने एक भी चीजों में कॉंप्रमाइज नहीं किया. हमको कठोर निर्णय करना पड़ा. हम बच्चों के अंग्जाइटी को समझते हैं, हम उसके लिए जिम्मेवारी भी लेते हैं. परीक्षा को सुधारने के लिए दायित्व हमको लेना ही पड़ेगा. हमने लिया.

सवाल- आप शायद उन लोगों में है जिन्होंने जिम्मेदारी स्वीकार की और उसको ठीक करने में आगे लग गए. आपने कई कदम भी उठाए हैं. आपने बैंक से सलाह मशविरा किया उनको इनवॉल्व किया. आइआइटी के विशेषज्ञों को आपने इनवॉल्व किया है, क्या कुछ ऐसी योजना तो नहीं बन रही है कि एनटीए को स्क्रैप करके एक स्टेच्यूटरी बॉडी ही बना दे, जो इस तरह की इस तरह के काम को करवा सके?

जवाब- देखिए एनटीए बनी है सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर. एनटीए पिछले दिनों में लगभग एक करोड़ विद्यार्थियों की परीक्षा सफलतापूर्वक करती है.इसी एनटीए ने जेईई किया, इसी एनटीए ने सीएसआर नेट की परीक्षा किया. यही एनटीए ने सीयूईटी की परीक्षा कर रहा है.यही एनटीए ने यूजीसी नेट का परीक्षा कर रहा है इसमें एक गड़बड़ हुई है. इसकी जिम्मेवारी लेना ही पड़ेगा.इसकी व्‍यवस्‍था बनानी होगी.एक बात ये भी है कि समाज में कॉम्प्लेक्सिटी बढ़ रही है. हम डिजिटली एग्जामिनेशन पद्धति पर जाते हैं. साइबर चैलेंज एक नया दुनिया बन चुका है. अभी इन दिनों में हमारे जो सब अनुभव हो रहा है, टेक्नोलॉजी जैसे जैसे आगे बढ़ रही है, चुनौती भी ऐसे ऐसे आगे बढ़ रही है लेकिन उसको भी संभालने के हमारे पास कैपेसिटी है और उसको संभाल लेंगे.हममें इन्स्ट्रुमेंट चल इश्यू नहीं है हमारा इंटेन्शन सही है. तो मैं आपके चैनल के माध्यम से देश की जनता उन पेरेंट्स को आश्वासन करना चाहता हूं कि अब आने वाले दिनों में फुलप्रूफ सिस्टम एक तैयार किया जाएगा.निश्चित रूप में हम उसके लिए जवाबदेह है. हमारा दायित्व है एक एरर फ्री एग्जामिनेशन सिस्टम.

सवाल-धर्मेन्‍द्र जी, आप बैठकें काफी कर रहे हैं,आप सीबीएसई हेडक्वार्टर भी गए.आपने कल रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह जी के घर बैठक की. ये जो 21 तारीख को एग्जाम है उसकी तैयारी है या जो इधरउधर से बातें उठ रही है कि कहीं एयरफोर्स के विमानों के के माध्यम से क्वेश्चन पेपर्स को ट्रांसफर किया जाएगा? क्या इस बार कोई बड़ी योजना है ताकि फुलप्रूफ रहे?

जवाब-नहीं देखिए, एनटीए और भारत सरकार का पोस्‍टल विभाग हमारे क्वेश्चन पेपर का दायित्व लेता है. हमारे जहां प्रश्न पत्र बनते हैं वहीं से परीक्षा केंद्र तक और परीक्षा केंद्र से फिर एनटीए तक इसके करियर का काम पोस्टल डिपार्टमेंट करता है. इस बार हमने और सिंधिया जी दोनों ने राजनाथ सिंह से अनुरोध करने के लिए गए थे कि क्या इस बार का लॉजिस्टिक सपोर्ट एयरफोर्स कर सकता है? क्‍योंकि समय कम है और सुरक्षा की चिंता है इसीलिए हमने एयरफोर्स को अनुरोध किया है.एयरफोर्स उसमें मदद करेगी. हमको आश्वस्त किया गया है और हमारे देश की सारे राज्यों की सिक्योरिटी सिस्टम, सारे राज्यों की पुलिस. सारे राज्यों की सीआरपीएफ जो जहां जहां आवश्यकता है वहां मदद करेगी.हम लोगों ने बच्चों के हित के लिए सबकुछ करेंगे.कुछ लोग आलोचना कर रहे हैं कि इसको ऐसे क्यों कर रहे हो? इतना एयरफोर्स क्यों लगेगा? मैं उन सारे मित्रों को जानकारी देना चाहता हूं कि ये ग्लोबल मॉडल है. क्या हमारे देश के बच्चों का हित सर्वोपरि नहीं होनी चाहिए? क्या उनकी मन की कंडीशन को ठीक रखने के लिए उनको आश्वस्त करने के लिए हमें सारी व्यवस्था ऑल आउट नहीं करनी चाहिए? क्या हमें लगता है हमें करनी चाहिए? इसे हम होल ऑफ गवर्मेंट एप्रोच कहते हैं.इसके लिए मैंने सभी राज्य सरकारों से बातचीत की है.मैंने सारे माननीय मुख्यमंत्री को अनुरोध किया है. पिछले 3 मई को जो परीक्षा हुई उस परीक्षा में सारी राज्य सरकारों की बहुत भरपूर मदद मिली. किसी भी सरकार हो, किसी भी पार्टी का सरकार हो, बच्चे हम सभी के हैं. इसमें राजनीति और भेदभाव की भाषा नहीं होनी चाहिए. सभी ने मदद किया और आने वाले परीक्षा में सबकी मदद लगेंगी इसलिए सबको मैंने अनुरोध किया. पर्सनली फोन पर बात किया है और राज्य सरकारों की तरफ से कुछ आया है कि हम आपको पूरी तरह से आश्वासन करते हैं कि एन टीए की परीक्षा जब होती है राज्य सरकारें उसमें भरपूर मदद करती हैं. अभी सीयूईटी हो रहा है उसमें मदद मिल रहा है. जब जब भी परीक्षा होती है, राज्य सरकार उसमें आगे चलकर मदद करते हैं. नीट की परीक्षा में एक ही दिन में 22 लाख बच्चे परीक्षा देंगे. इसलिए थोड़ा दायित्व और ज्यादा बढ़ जाता है.



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