Monday, June 1, 2026
Homeफूड100 साल बाद भी नहीं बदला स्वाद! बेंसन की भुजिया के लिए...

100 साल बाद भी नहीं बदला स्वाद! बेंसन की भुजिया के लिए आज भी लगती है लंबी कतार


Last Updated:

Famous Bhujia Rajasthan: राजस्थान की खान-पान संस्कृति में कई ऐसे स्वाद शामिल हैं, जो पीढ़ियों से लोगों की पसंद बने हुए हैं. इन्हीं में से एक नाम है बेंसन की भुजिया, जिसकी लोकप्रियता करीब 100 वर्षों बाद भी बरकरार है. पारंपरिक विधि, खास मसालों और गुणवत्ता के कारण यह भुजिया आज भी लोगों की पहली पसंद बनी हुई है. स्थानीय लोगों से लेकर बाहर से आने वाले पर्यटक तक इसके स्वाद के दीवाने हैं. दुकान पर रोजाना ग्राहकों की भीड़ उमड़ती है और कई लोग विशेष रूप से इस मशहूर भुजिया का स्वाद लेने पहुंचते हैं. समय के साथ खाने-पीने की आदतें भले बदल गई हों, लेकिन बेंसन की भुजिया ने अपनी पहचान और गुणवत्ता को कायम रखा है. यही वजह है कि यह सिर्फ एक नमकीन नहीं, बल्कि स्वाद और परंपरा की विरासत बन चुकी है.

ख़बरें फटाफट

जयपुर: जयपुर का चारदीवारी बाजार खरीदारी के साथ साथ स्वादिष्ट जायके का खजाना भी है. जहां हर बाजार में वर्षों पुराने जायके की खुशबू बहती रहती हैं. हर दुकान अपने खास जायके के लिए प्रसिद्ध हैं. ऐसे चारदीवारी बाजार के त्रिपोलिया बाजार में स्थित जगन्नाथ शर्मा पकौड़ी वाले जहां सुबह से शाम तक लोगों की भीड़ उमड़ी रहती हैं. लोकल-18 ने जगन्नाथ शर्मा पकौड़ी वाले की दुकान पर पहुंच कर यहां के ऑनर मुकेश कुमार से बात की तो वह बताते हैं हमारे यहां की बेसन भूजिया पूरे जयपुर में सबसे ज्यादा प्रसिद्ध हैं जिसकी शुरुआत 100 साल पहले उनके दादा जगन्नाथ शर्मा ने की थी.

चारदीवारी बाजार में खरीददारी करने आने वाले लोगों से लेकर पर्यटक और दुनियाभर की नामचीन हस्तियां उनकी बेसन भूजिया के स्वाद के लिए यहां लाइन लगाएं खड़े रहते हैं मुकेश बताते हैं. इस दुकान और भूजिया-पकौड़ी के जायके की शुरुआत उनके दादाजी ने की थी, लेकिन अब वह चौथीं पीढ़ी हैं जिन्होंने 100 सालों बाद भी इस जायके के स्वाद को बरकरार रखा हैं. आज भी दुकान दादाजी के समय की की हैं. जिसमें कोई चमक धमक नहीं हैं बस हर समय गरम-गरम भूजिया-पकौड़ी बनती रहती हैं और लोग चलते फिरते स्वाद लेते रहते हैं.

राजगढ़ से जयपुर आकर शुरू किया था भूजिया-पकौड़ी का जायका 
लोकल-18 से बात करते हुए मुकेश कुमार बताते हैं वर्षों पहले उनके दादा अलवर के राजगढ़ से काम की तलाश में जयपुर आए थे लम्बे समय तक उन्होंने यहां हलवाई के रूप में काम किया और फिर उन्होंने यहां भूजिया-पकौड़ी के जायके की शुरुआत की लोगों को उनके हाथ का स्वाद पंसद आया उस जमाने में जब भूजिया-पकौड़ी की शुरुआत हुई थी, तब 1 किलों भूजिया की कीमत 1 आना हुआ करती थी लेकिन बदलते समय और महंगाई के साथ अब 1 किलों भूजियां की कीमत 240 रूपए किलो हैं. मुकेश बताते हैं कि दुकान पर हर दिन अलग-अलग प्रकार की पकौड़ी और कचौड़ी तैयार होती हैं इनमें बेंसन की भुजियां, आलू की पकौड़ी, दाल की पकौड़ी जिसे अलग-अलग चटनी और कढ़ी के साथ ग्राहकों को सर्व की जाती हैं. सुबह से शाम तक ग्राहकों की इतनी ही भीड़ रहती हैं पूरे दिन पकौड़ी और भुजिया बनती हैं. हर दिन 20 से 30 लोगों भूजिया-पकौड़ी की लोगों में डिमांड रहती हैं.

घर के मसालों से तैयार होती हैं अलग-अलग पकौड़ी-भुजियां 
लोकल-18 से बात करते हुए मुकेश कुमार बताते हैं कि वैसे तो चारदीवारी बाजार में हर नुक्कड़ पर एक कचौड़ी-पकौड़ी की दुकान देखने को मिल जाएंगी. लेकिन हमारे यहां का स्वाद सबसे अलग हैं क्योंकि दादाजी के समय से ही हमारे यहां अलग-अलग भुजिया और पकौड़ी के लिए घर के पीसे हुए सीक्रेट मसालों का उपयोग किया जाता हैं, इसलिए हमारी बेसन भुजियां का स्वाद सबसे खास होता हैं. दुकान के अलावा जयपुर में शादी विवाह के कार्यक्रमों तक हमारी बेसन भुजिया की डिमांड रहती हैं. बेंसन की भुजिया ख़ासतौर पर लकड़ी की भट्टी पर तैयार होती हैं, इसलिए इसका स्वाद खास होता हैं. पूरे दिन भट्टी चलती हैं जिसके चलते पूरी दुकान काले रंग में रंगी हुई हैं.

About the Author

Jagriti Dubey

Hi, I am Jagriti Dubey, a media professional with 6 years of experience in social media and content creation. I started my career with an internship at Gbn 24 news channel in 2019 and have worked with many repu…और पढ़ें



Source link

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments