गोरखपुर में मुहर्रम की 8वीं तारीख पर बुधवार को शहर में अकीदत और इबादत का माहौल रहा। मस्जिदों, घरों और इमाम चौकों पर हजरत इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों को याद किया गया। जगह-जगह महफिलें हुईं, जहां उलमा ने कर्बला की घटना और इमाम हुसैन की कुर्बानी के बारे में बताया। इसे सुनकर वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। गौसे आजम फाउंडेशन की ओर से शहर के अलग-अलग इलाकों में लोगों के बीच फल बांटे गए। फाउंडेशन के जिलाध्यक्ष समीर अली ने कहा कि इमाम हुसैन ने पूरी दुनिया को सच्चाई, इंसानियत और हक के रास्ते पर चलने का संदेश दिया है। उनकी कुर्बानी हमेशा लोगों को सही रास्ते पर चलने की सीख देती रहेगी। सच्चाई के लिए खड़े रहने की सीख देती है कर्बला शहर की अलग-अलग मस्जिदों में आयोजित कार्यक्रमों में उलमा ने कहा कि कर्बला सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि सच्चाई और इंसाफ के लिए दी गई सबसे बड़ी कुर्बानी की याद है। इमाम हुसैन ने जुल्म के आगे झुकने के बजाय हक का साथ दिया और आने वाली पीढ़ियों के लिए मिसाल कायम की। सुन्नी बहादुरिया जामा मस्जिद रहमतनगर में हुई महफिल में बताया गया कि कर्बला में इमाम हुसैन और उनके साथियों ने मुश्किल हालात में भी सच्चाई का रास्ता नहीं छोड़ा। उनकी कुर्बानी आज भी लोगों को नेकी और इंसानियत का संदेश देती है। आज सामूहिक रोजा इफ्तार का आयोजन गौसे आजम फाउंडेशन की ओर से गुरुवार को नौवीं मुहर्रम पर शाम 6:57 बजे रहमतनगर स्थित सुन्नी बहादुरिया जामा मस्जिद में सामूहिक रोजा इफ्तार कराया जाएगा। इसमें बड़ी संख्या में रोजेदार और अकीदतमंद शामिल होंगे। गुरुवार रात नौवीं मुहर्रम पर शहर में लाइन की ताजियों का जुलूस निकलेगा। अलग-अलग इमाम चौकों पर खूबसूरत ताजिया रखी जाएंगी। इस दौरान घरों और मस्जिदों में फातिहा होगी। लोगों में शरबत, खिचड़ा और मलीदा बांटकर इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों को याद किया जाएगा।
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गोरखपुर में 8वीं मुहर्रम पर याद किए गए शहीद-ए-कर्बला: इमाम हुसैन की कुर्बानी सुनकर नम हुईं आंखें, जगह-जगह हुई फातिहा – Gorakhpur News
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