कोटा शहर के नयापुरा थाना क्षेत्र स्थित किशोर सागर तालाब में मानसून सीजन को देखते हुए फ्लड रेस्क्यू मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस संयुक्त अभ्यास में एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, आर्मी, सिविल डिफेंस सहित अन्य संबंधित एजेंसियों ने भाग लिया। मॉक ड्रिल का उद्देश्य बाढ़ और जलभराव जैसी आपात स्थितियों में बेहतर समन्वय और त्वरित बचाव कार्यों की तैयारियों को परखना था। एसडीआरएफ कोटा बी कंपनी की इंस्पेक्टर एकता हाड़ा ने बताया कि मानसून शुरू होने से पहले यह अभ्यास किया गया है ताकि किसी भी आपदा की स्थिति में रेस्क्यू टीम पूरी तरह तैयार रहे। मॉक ड्रिल के दौरान किशोर सागर तालाब के बीच में कुछ लोगों के फंसे और डूबने की काल्पनिक स्थिति बनाई गई। इसके बाद जवानों ने निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार नावों और अन्य आधुनिक उपकरणों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। इस दौरान रेस्क्यू में इस्तेमाल होने वाले सभी उपकरणों और संसाधनों की कार्यक्षमता भी जांची गई। जवानों ने बाढ़ के दौरान बचाव कार्यों से जुड़ी विभिन्न तकनीकों का प्रदर्शन किया। इस तरह के अभ्यास से आपदा के समय प्रतिक्रिया क्षमता और बेहतर होती है। इंस्पेक्टर एकता हाड़ा ने बताया कि मानसून सत्र के लिए एसडीआरएफ कोटा बी कंपनी की रेस्क्यू टीमें बूंदी, बारां और झालावाड़ जिलों के लिए रवाना की जा रही हैं। ये टीमें मानसून समाप्त होने तक संबंधित जिलों में तैनात रहेंगी। वहीं कोटा में भी कुछ टीमों को रिजर्व रखा गया है, जिन्हें आवश्यकता पड़ने पर तुरंत राहत और बचाव कार्यों के लिए भेजा जाएगा।
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