ग्वालियर-चंबल अंचल में मानसून की रफ्तार धीमी पड़ने से गर्मी और उमस ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। पिछले तीन दिनों से बारिश नहीं होने के कारण दिन में तेज धूप निकल रही है और वातावरण में नमी बढ़ने से चिपचिपी गर्मी महसूस की जा रही है। मौसम विभाग के अनुसार 13 जुलाई तक ग्वालियर में केवल 119 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि तक 528 मिमी वर्षा हो चुकी थी। इस तरह इस बार अब तक 409 मिमी कम बारिश हुई है। न्यूनतम तापमान में लगातार बढ़ोतरी दर्ज बीते तीन दिनों में न्यूनतम तापमान में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। शनिवार को यह 24.8 डिग्री सेल्सियस था, जो रविवार को 28.4 डिग्री, सोमवार को 28.3 डिग्री और मंगलवार को बढ़कर 29.8 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। तापमान में वृद्धि के कारण उमस और अधिक बढ़ गई है। बारिश की कमी का असर कृषि और जल स्रोतों पर भी दिखाई देने लगा है। खेतों में पर्याप्त नमी नहीं पहुंचने से किसानों की चिंता बढ़ गई है, जबकि तालाबों और जलाशयों में भी अपेक्षित जलभराव नहीं हो सका है। मानसून ट्रफ उत्तर की ओर खिसकी वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा ने बताया कि मध्य भारत के ऊपर फिलहाल कोई प्रभावी मौसम प्रणाली सक्रिय नहीं है। मानसून ट्रफ भी अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर की ओर खिसक गई है, जिसके कारण ग्वालियर-चंबल संभाग में वर्षा की गतिविधियां कमजोर बनी हुई हैं। मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक मौसम शुष्क रहने और बारिश की संभावना बेहद कम जताई है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि जल्द बारिश नहीं हुई तो दिन के तापमान के साथ उमस में भी और बढ़ोतरी हो सकती है। लोगों को दोपहर की तेज धूप से बचने, पर्याप्त पानी पीने और जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी गई है।
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ग्वालियर-चंबल में थमी मानसून की रफ्तार: बढ़ी उमस; तीन दिन से बारिश नहीं, पिछले साल से 409 मिमी कम वर्षा – Gwalior News
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