Tuesday, July 21, 2026
Homeफूडनमक में भुनता है यह भुजा, लहसुन-हरी मिर्च की चटनी डाल देती...

नमक में भुनता है यह भुजा, लहसुन-हरी मिर्च की चटनी डाल देती जान, ₹20 में यहां मिलेगा स्वाद


Last Updated:

Darbhanga Famous Namak Fry Bhuja: दरभंगा में इन दिनों आजमगढ़ का ‘नमक में फ्राई’ भुजा काफी पसंद किया जा रहा है. बिना तेल-मसाले का यह स्नैक सेहतमंद होने के साथ-साथ स्वादिष्ट भी होता है. ₹20 में 100 ग्राम भुजा चटनी के साथ मिलता है और इनकी चटनी भी बहुत टेस्टी होती है.

ख़बरें फटाफट

दरभंगा. जिले के लहेरियासराय टावर के पास इन दिनों एक ठेले पर भीड़ लगी रहती है. वजह है आजमगढ़ से आया ‘नमक में फ्राई’ किया हुआ भुजा. न तेल की एक बूंद, न तीखे मसाले का झोंका. फिर भी स्वाद ऐसा है कि कोर्ट, कलेक्ट्रेट और कमिश्नरी के बाबू से लेकर बाजार के दुकानदार तक सब इसके दीवाने हैं. लोग इसे ‘सेहत का खजाना’ कह रहे हैं. यही वजह है कि यहां खाने वालों की भीड़ लगी रहती है. खास बात यह है कि सेहत से भरपूर इस स्नैक की कीमत भी ज्यादा नहीं है इसलिए अधिक से अधिक लोग इसका आनंद ले पाते हैं.

क्या है खासियत
इस भुजे की सबसे बड़ी खासियत इसका बनने का तरीका है. उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ से आए चंद्रभान विश्वकर्मा बताते हैं, ‘हम इसे तेल में नहीं, नमक में फ्राई करते हैं’. सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक यानी पूरे ऑफिशियल पर टाइम इनका ठेला टावर के पास लगता है. चूल्हे पर कड़ाही चढ़ती है. उसमें 5 से 7 किलो नमक डालकर तेज गर्म किया जाता है.

जब नमक तप जाता है, तो उसमें 5 से 7 तरह के आइटम डाले जाते हैं. इसमें पानी में फूला हुआ चना, सूखा चना, चूड़ा, बादाम और भी कई चीजें शामिल होती हैं. गर्म नमक में ये सब भुनकर कुरकुरा भुजा बन जाता है. फिर चलनी से नमक अलग कर ग्राहक को गरमागरम परोस दिया जाता है. यहां ₹20 में 100 ग्राम गुंजा मिलता है, जिस पर चटनी फ्री है.

सेहत भी, स्वाद भी
चंद्रभान कहते हैं, ‘तेल-मसाला नहीं है, तो पेट में गैस, जलन कुछ नहीं होता. बुजुर्ग से लेकर बच्चे तक खा सकते हैं’. यही वजह है कि कोर्ट परिसर के वकील, कलेक्ट्रेट के कर्मचारी और कमिश्नरी के अफसर लंच टाइम में यहीं नजर आते हैं. एक तरफ कचहरी, दूसरी तरफ मार्केट है. लोकेशन ऐसी है कि डिमांड रोज बढ़ रही है.

चटनी का कमाल
इस भुजे के साथ मिलने वाली चटनी भी कम खास नहीं है. हरी मिर्च और लहसुन से बनी यह चटनी तीखी-चटपटी है. कारीगर सूरजभान विश्वकर्मा बताते हैं, ‘इस चटनी को आप महीना भर रख लीजिए. रंग भले बदल जाए, पर स्वाद जस का तस रहेगा’. लोग भुजा कम, चटनी ज्यादा मांगते हैं.

महंगाई के दौर में जब समोसा 10 रुपये का और पकौड़ी तेल में डूबी मिलती है, तब यह ‘नमक में फ्राई’ भुजा लोगों को सस्ता, सादा और सेहतमंद विकल्प दे रहा है. आजमगढ़ का यह स्वाद अब मिथिला की जुबान पर चढ़ गया है. दरभंगा के लहेरियासराय में यह ठेला सिर्फ पेट नहीं भर रहा, भरोसा भी जगा रहा है कि बिना तेल के भी खाने का स्वाद लाजवाब हो सकता है.

About the Author

Raina Shukla

बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें



Source link

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments