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मंच से गूंजा गीत- कहीं नहीं जाएंगे मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर भाजपा का नया तराना इन दिनों नेताओं की जुबां पर चढ़ा हुआ है। केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल भी इस गीत को गाकर चर्चा में आ गए।
दरअसल, वे जबलपुर में भाजपा की लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ यात्रा में शामिल होने पहुंचे थे। यहां लोगों ने उनसे ‘कहीं नहीं जाएंगे मोदी…’ गीत सुनाने की फरमाइश कर दी। फिर क्या था, मेघवाल ने मंच से गीत गाया और लोगों से भी गवाया।
इस गीत के पीछे की वजह कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का हालिया बयान है। पटना में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा था- ‘मोदी तो जाएगा…’। इसी बयान के जवाब में भाजपा ने ‘कहीं नहीं जाएंगे मोदी…’ का तराना छेड़ दिया है।
केंद्रीय मंत्री मेघवाल के गाने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी यही नारे लगवाए। उन्होंने कहा- कहीं नहीं जाएगा मोदी, राहुल गांधी और उनके चट्टे-बट्टे यूं ही चिल्लाते रहेंगे।
अब कांग्रेस के ‘मोदी तो जाएगा’ के जवाब में भाजपा का ‘कहीं नहीं जाएंगे मोदी’ वाला सियासी गीत खूब गूंज रहा है।
जबलपुर में भाजपा नेताओं ने ‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ’ पदयात्रा निकाली।
राम नाम के रंग में रंगे नजर आए दिग्विजय सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा निकाल रहे पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह पूरी तरह राम नाम के रंग में रंगे नजर आए। कंप्यूटर बाबा ने उन्हें राम नाम लिखे पत्तों की माला पहनाई। उनकी इस तस्वीर की भी जमकर चर्चा हो रही है।
दिग्विजय सिंह की ये यात्रा इन दिनों गुना जिले में है। यहां जिला कांग्रेस अध्यक्ष और उनके विधायक बेटे जयवर्धन सिंह भी उनके साथ दिखे। जयवर्धन ने मंच से अपने पिता के सनातनी रूप का बखान किया। इस दौरान दिग्विजय बीच-बीच में उन्हें गाइड करते रहे।
दरअसल, जयवर्धन बता रहे थे कि बड़े साहब ने 3500 किलोमीटर की नर्मदा परिक्रमा की थी। इस पर दिग्विजय सिंह ने उन्हें याद दिलाया कि इसके बाद भारत जोड़ो यात्रा भी की थी। जयवर्धन ने बताया कि दिग्विजय सिंह ने 3500 किलोमीटर लंबी भारत जोड़ो यात्रा की थी।
इस पर दिग्विजय सिंह ने तुरंत सुधार करते हुए बताया कि यात्रा 4 हजार किलोमीटर की थी। फिर क्या था, जयवर्धन ने भी अपनी बात सुधारते हुए 4 हजार किलोमीटर कह दिया।
अब मंच पर पिता-बेटे की इस जुगलबंदी पर लोग चुटकी ले रहे हैं। कह रहे हैं कि राजनीति हो या अनुभव का पाठ, गुरु तो गुरु ही होता है।

दिग्विजय सिंह राम नाम लिखे पत्तों की माला पहने दिखे। यात्रा में जयवर्धन भी शामिल हुए।
कमलेश्वर पटेल के बयान से कांग्रेस में हलचल मध्य प्रदेश कांग्रेस में एक बार फिर गुटबाजी को लेकर चर्चा तेज हो गई है। इस बार कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल के एक बयान ने पार्टी के भीतर सियासी हलचल बढ़ा दी है। उन्होंने बिना किसी का नाम लिए कहा कि जो नेता अपनी पोलिंग तक नहीं जिता पाते और बड़े नेता बनकर घूमते हैं, ऐसी नेतागीरी बेकार है।
कमलेश्वर पटेल के इस बयान को पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह से जोड़कर देखा जा रहा है। दरअसल, हाल ही में अजय सिंह ने सिंगरौली का दौरा किया था। यहां उनका भव्य स्वागत किया गया। इसी को लेकर मीडिया ने कमलेश्वर पटेल से सवाल पूछा था। जवाब में उन्होंने ऐसा बयान दिया कि कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति फिर चर्चा में आ गई।
बयान के बाद जब इसे अजय सिंह पर निशाने के तौर पर देखा जाने लगा तो कमलेश्वर पटेल बैकफुट पर आ गए। उन्होंने अजय सिंह के साथ अपनी तस्वीर साझा कर सफाई दी। कहा कि उनका बयान किसी नेता विशेष को लेकर नहीं था, बल्कि कांग्रेस के सभी नेताओं के लिए सामान्य रूप से था।
कमलेश्वर पटेल ने अजय सिंह को वरिष्ठ नेता बताते हुए कहा कि वे सदैव वरिष्ठ नेता रहेंगे।
अब उनके इस बयान पर लोग चुटकी ले रहे हैं। कह रहे हैं कि दूसरों को पोलिंग जिताने की नसीहत देने से पहले अपना चुनावी रिकॉर्ड भी देख लेना चाहिए। आखिर चुनाव में आप और आपके बॉस भी जीत का स्वाद नहीं चख पाए थे।

कांग्रेस नेता अजय सिंह पर दिए कथित बयान पर पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल ने सफाई दी।
और अब अंदर की बात..
विधायक को जूतों की हिफाजत की चिंता भाजपा के एक विधायक अपने सीनियर नेता के पारिवारिक कार्यक्रम में पहुंचे थे। यहां वे जिस काम के लिए आए थे, उससे ज्यादा चिंता उन्हें जूतों की हिफाजत की सताती रही।
दरअसल, कार्यक्रम में आए दूसरे लोग जूते उतारकर अंदर जाने लगे। यह देखकर नेताजी ने उन्हें टोकते हुए कहा- जूते क्यों उतार रहे हो, पहनकर ही चले जाइए। जब लोगों ने इसकी वजह पूछी तो वे धीरे से कान में बोले- चोरी हो जाएंगे।
अब लोग चुटकी ले रहे हैं कि विधायक जी ने जूतों की हिफाजत की जिम्मेदारी उठाकर एक तरह से सामाजिक सेवा ही कर दी।
इनपुट सहयोग – आशीष उरमलिया (जबलपुर), आशीष रघुवंशी (गुना)
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सियासी शक्ति प्रदर्शन के चक्कर में नेताओं और उनके समर्थकों को न नियमों की परवाह है और न सुरक्षा की। मध्य प्रदेश में भाजपा और कांग्रेस, दोनों ही दलों के नेताओं के ऐसे नजारे सामने आए हैं। पूरी खबर पढ़ें

