आज धनतेरस हस्त नक्षत्र और वैधृति योग के सुयोग में मनाया जाएगा। धन त्रयोदशी की तिथि सुबह 11:06 बजे से पूरे दिन होने का कारण पूजा-पाठ, निवेश और खरीदारी दिनभर चलेगी। ऐश्वर्य, धन, आरोग्य, सौभाग्य, सुख आदि में वृद्धि हेतु लक्ष्मी-गणेश के साथ धन्वंतरि भगवा
.
ज्योतिषाचार्य राकेश झा ने बताया कि धनतेरस पर हस्त नक्षत्र, अमृत सिद्धि योग, प्रीति योग का उत्तम संयोग बन रहा है। आज लक्ष्मी पूजा के साथ खरीदारी करने के लिए यह योग मंगलकारी सिद्ध होगा। पूरे दिन खरीदारी का महामुहूर्त है। धनतेरस पर झाड़ू खरीदने से दरिद्रता का ह्रास व समृद्धि का वास होता है।
ज्योतिषाचार्य राकेश झा।
अकाल मृत्यु से बचाव हेतु यम को दीप दान
शुक्र प्रदोष में धनतेरस के दिन पंचदेव के निमित्त पांच दीपक जलाने से उनकी विशेष कृपा और अनिष्ट ग्रहों से शांति मिलेगी। प्रदोषकाल में यम को तिल तेल का दीपक घर के बाहर दक्षिण मुख दिखाने से काल- संकट, रोग,शोक, भय, दुर्घटना, अकाल या अप मृत्यु नहीं होती है। सनातन धर्मावलंबी इस दिन सुख-समृद्धि व उत्तम स्वास्थ्य की कामना से धन्वंतरि देव का पूजा कर संध्या काल में घर के मुख्य द्वार पर तेल का दीप जलाएंगे।
गुरु और शुक्र ग्रह से जुड़ा है धनतेरस
ज्योतिषी राकेश झा के मुताबिक धनतेरस धन-आरोग्य की चमक का दिन है। यह दिन गुरु जो कि आरोग्य व आयु का कारक है और शुक्र जो धन-वैभव का कारक है, से जुड़ा है। इस दिन पीतल, चांदी, सोना आदि धातु खरीदे।
हल्दी, पीली वस्तु का दान और दीपदान से गुरु का बल बढ़ता है। लक्ष्मी पूजन, धातु का क्रय शुक्र ग्रह को सक्रिय करने में सहायक सिद्ध होता है। इन दोनों ग्रहों को साधने से धन वृद्धि, आरोग्य सुरक्षा व समृद्धि का शुभारंभ होता है।



