सहरसा। पूर्व नगर आयुक्त प्रभात कुमार झा के निलंबन के विरोध में सहरसा नगर निगम में तीन दिनों से चल रही तालाबंदी और धरना गुरुवार को समाप्त हो गया। प्रभारी नगर आयुक्त सह डीडीसी गौरव कुमार और स्थानीय विधायक इंजीनियर आईपी गुप्ता की पहल पर पार्षदों ने आंदोलन वापस लेने का निर्णय लिया। इसके बाद नगर निगम कार्यालय में कामकाज फिर से शुरू हो गया। डीडीसी ने कहा- निलंबन रद्द करना जिला प्रशासन के अधिकार में नहीं नगर आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार संभालने के बाद डीडीसी गौरव कुमार धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने आंदोलन कर रहे पार्षदों और पार्षद प्रतिनिधियों से बातचीत की। डीडीसी ने स्पष्ट किया कि पूर्व नगर आयुक्त का निलंबन रद्द करना जिला प्रशासन के अधिकार क्षेत्र में नहीं है। यह मामला राज्य सरकार और नगर विकास एवं आवास विभाग के स्तर से ही सुलझ सकता है। उन्होंने कहा कि पार्षदों की मांगों और उनकी भावनाओं से जुड़े मांग पत्र को राज्य सरकार और विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के पास भेजा जाएगा। साथ ही, दीपावली और छठ के दौरान शहर में सफाई, जलनिकासी और अन्य जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने की बात कही। विधायक ने विधानसभा में मांगें उठाने का दिया भरोसा स्थानीय विधायक इंजीनियर आईपी गुप्ता ने भी फोन पर आंदोलन कर रहे पार्षदों से बात की। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पार्षदों की मांगों को आगामी विधानसभा सत्र में उठाएंगे। विधायक ने कहा कि दीपावली और छठ जैसे महत्वपूर्ण पर्वों के दौरान नगर निगम कार्यालय में तालाबंदी रहने से शहरवासियों को परेशानी होगी। पर्व को देखते हुए पार्षदों ने वापस लिया आंदोलन डीडीसी और विधायक के आश्वासन के बाद पार्षदों ने तालाबंदी और धरना समाप्त करने की घोषणा की। पार्षदों ने कहा कि पर्व के दौरान शहर के लोगों को परेशानी न हो, इसे ध्यान में रखते हुए आंदोलन वापस लिया गया है। कार्यालय खुलते ही सफाई अभियान चलाने का निर्देश तालाबंदी खत्म होने के बाद नगर निगम कार्यालय के ताले खोल दिए गए और कामकाज बहाल हो गया। अधिकारियों ने शहर में सफाई अभियान चलाने और प्रमुख स्थानों पर ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव करने के निर्देश दिए।
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