Last Updated:
Reliance overtake Tata Group: जियो आईपीओ के लिस्ट होते ही जियो प्लेटफॉर्म्स एयरटेल को पछाड़कर देश की सबसे मूल्यवान टेलीकॉम कंपनी बन गई. इतना ही नहीं जियो की लिस्टिंग की बदौलत रिलायंस टाटा ग्रुप को पछाड़कर देश का सबसे मूल्यवान कारोबारी समूह बन गया है.
रिलायंस ग्रुप का कुल संयुक्त बाजार पूंजीकरण ₹30 लाख करोड़ के पार चला गया.
नई दिल्ली. शेयर बाजार में जियो प्लेटफॉर्म्स की लिस्टिंग के साथ ही रिलायंस ग्रुप देश का सबसे मूल्यवान कारोबारी समूह गया. जियो की लिस्टिंग की बदौलत मार्केट कैप के मामले में रिलायंस ने पिछले एक दशक से दबदबा बनाए रखने वाले टाटा ग्रुप को पीछे छोड़ते हुए नंबर-1 का ताज अपने नाम कर लिया. ब्लूमबर्ग के आंकड़ों के अनुसार, लिस्टिंग के दिन जियो के शेयरों में आई मजबूती के बाद रिलायंस ग्रुप का कुल संयुक्त बाजार पूंजीकरण ₹30 लाख करोड़ के पार चला गया. टाटा ग्रुप का संयुक्त मार्केट कैप लगभग ₹25 लाख करोड़ है. गौरतलब है कि लंबे समय से टाटा ग्रुप ही देश का सबसे मूल्यवान व्यापारिक घराना बना रहा है.
जियो शेयर इश्यू प्राइस के मुकाबले 21 फीसदी प्रीमियम पर शेयर बाजार में लिस्ट हुए. लिस्टिंग के बाद शेयरों में लगातार खरीदारी देखने को मिली. इंट्राडे में कंपनी का शेयर अपने इश्यू प्राइस के मुकाबले करीब 27 फीसदी तक चढ़ गया. इस तेजी के चलते पहले ही कारोबारी सत्र में कंपनी का मार्केट कैप ₹52,031.02 करोड़ बढ़कर ₹12,50,586.39 करोड़ से सीधे ₹13,02,617.41 करोड़ पर पहुंच गया.
जियो ने एयरटेल को पछाड़ा
शानदार लिस्टिंग के दम पर जियो ने भारती एयरटेल को पीछे छोड़ते हुए देश की सबसे मूल्यवान टेलीकॉम कंपनी का दर्जा हासिल कर लिया. इसके साथ ही यह पूरे भारतीय शेयर बाजार में मार्केट कैप के लिहाज से रिलायंस इंडस्ट्रीज के बाद देश की दूसरी सबसे मूल्यवान लिस्टेड कंपनी बन गई.
100 मिनट में ही पूरा भर गया था आईपीओ
इस ऐतिहासिक लिस्टिंग की नींव इसके रिकॉर्ड-तोड़ आईपीओ के दौरान ही पड़ गई थी. जियो का आईपीओ खुलने के महज 100 मिनट के भीतर पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया था. आईपीओ के इतिहास में सबसे तेज पूर्ण सब्सक्रिप्शन है. इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) का ₹5,500 करोड़ का आरक्षित कोटा महज 10 मिनट में भर गया था.
ग्लोबल एलीट क्लब में जियो की एंट्री
इश्यू प्राइस के स्तर पर Jio Platforms का मूल्यांकन करीब ₹10.3 लाख करोड़ (लगभग 108 अरब डॉलर) आंका गया था. इस विशाल वैल्यूएशन के साथ ही कंपनी मेटा, अलीबाबा और स्पेसएक्स जैसी दुनिया की उन चुनिंदा फाउंडर-लेड कंपनियों के क्लब में शामिल हो गई, जिनका मूल्यांकन आईपीओ के समय 100 अरब डॉलर से अधिक रहा है.
(डिस्क्लेमर – नेटवर्क18 और टीवी18 कंपनियां चैनल/वेबसाइट का संचालन करती हैं, जिनका नियंत्रण इंडिपेंडेट मीडिया ट्रस्ट करता है, जिसमें रिलायंस इंडस्ट्रीज एकमात्र लाभार्थी है.)
About the Author

रुली बिश्नोई मीडिया इंडस्ट्री में 20 साल से अधिक के अनुभव वाले सीनियर पत्रकार हैं. वह अभी News18 Hindi (hindi.news18.com) से जुड़े हैं और बिजनेस वर्टिकल में काम करते हैं. यहां वे बिजनेस जगत के मुश्किल आंकड़ों …

