Monday, May 25, 2026
HomeदेशNagaur News: शिक्षा का नया चेहरा... नागौर में 'नो बैग डे' पर...

Nagaur News: शिक्षा का नया चेहरा… नागौर में ‘नो बैग डे’ पर हर घंटे कुछ खास!


Last Updated:

Nagaur News: शिक्षा विभाग के नो बैग डे पर नागौर के स्कूलों में आओ राजस्थान को जानें थीम के तहत आठ कार्यशालाएं, कला, संस्कृति, स्वास्थ्य और स्वच्छता पर गतिविधियां आयोजित होंगी.

Nagaur News: शिक्षा का नया चेहरा... नागौर में 'नो बैग डे' पर हर घंटे कुछ खास!
नागौर. शिक्षा अब सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं रही है, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास और जीवन कौशल पर भी उतना ही जोर दिया जा रहा है. इसी उद्देश्य से शिक्षा विभाग ने नो बैग डे जैसी पहल की शुरुआत की है. हर माह के एक शनिवार को आयोजित होने वाले इस दिन विद्यार्थियों को किताबों और बैग की बजाय अनुभवात्मक शिक्षा से जोड़ने का प्रयास किया जाता है.

इस माह यानी सितंबर के नो बैग डे की थीम आओ राजस्थान को जानें रखी गई है. इस थीम के अंतर्गत बच्चों को अपने राज्य की लोक संस्कृति, परंपराओं, तीज-त्योहारों और सामाजिक धरोहरों से परिचित कराया जाएगा. विभागीय अधिकारियों के अनुसार इस पहल का मकसद बच्चों में अपने राज्य के प्रति गर्व और जुड़ाव की भावना विकसित करना है.

स्कूल में हर घंटे कुछ खास
आओ राजस्थान को जानें थीम के तहत स्कूलों में इस दिन कुल आठ अलग-अलग कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा. प्रत्येक कार्यशाला एक घंटे की होगी और अलग-अलग विषयों पर केंद्रित रहेगी. यानी स्कूल में हर घंटे कुछ खास होगा. प्राथमिक से लेकर उच्च माध्यमिक स्तर तक के विद्यार्थियों के लिए उनकी आयु और समझ के अनुरूप विशेष कार्ययोजनाएं तैयार की गई हैं. इससे छोटे बच्चों से लेकर किशोर अवस्था के विद्यार्थी भी इन गतिविधियों में सहज रूप से भाग ले सकेंगे.

कला, साहित्य और संस्कृति का मेल
चित्रकला प्रतियोगिता के जरिए बच्चे राजस्थान की समृद्ध संस्कृति और त्योहारों को रंगों के माध्यम से उकेरेंगे. वहीं, कविता पाठ, कहानी वाचन, गीत और नृत्य जैसी प्रस्तुतियों से बच्चों में आत्मविश्वास और अभिव्यक्ति की क्षमता का विकास होगा. शिक्षक इस दौरान विद्यार्थियों की भावनाओं और उनकी जरूरतों पर चर्चा करेंगे, जिससे मानसिक स्वास्थ्य और सकारात्मक सोच को बढ़ावा मिलेगा.

स्वास्थ्य और स्वच्छता पर जोर
नो बैग डे सिर्फ सांस्कृतिक गतिविधियों तक सीमित नहीं रहेगा. स्वास्थ्य और स्वच्छता से जुड़ी जानकारियां भी बच्चों तक पहुंचाई जाएंगी. कविताओं और गीतों के जरिए स्वच्छता, साफ-सफाई और स्वस्थ जीवनशैली के संदेश को रोचक अंदाज में प्रस्तुत किया जाएगा. शिक्षा विभाग का मानना है कि ऐसी गतिविधियां विद्यार्थियों को किताबों के बोझ से कुछ पल राहत देने के साथ-साथ उन्हें जीवन के व्यावहारिक पहलुओं से जोड़ती हैं. इस दिन विद्यालय का माहौल उत्सव जैसा रहेगा, जहां बच्चे सीखते भी हैं और आनंद भी लेते हैं.

authorimg

Anand Pandey

नाम है आनंद पाण्डेय. सिद्धार्थनगर की मिट्टी में पले-बढ़े. पढ़ाई-लिखाई की नींव जवाहर नवोदय विद्यालय में रखी, फिर लखनऊ में आकर हिंदी और पॉलीटिकल साइंस में ग्रेजुएशन किया. लेकिन ज्ञान की भूख यहीं शांत नहीं हुई. कल…और पढ़ें

नाम है आनंद पाण्डेय. सिद्धार्थनगर की मिट्टी में पले-बढ़े. पढ़ाई-लिखाई की नींव जवाहर नवोदय विद्यालय में रखी, फिर लखनऊ में आकर हिंदी और पॉलीटिकल साइंस में ग्रेजुएशन किया. लेकिन ज्ञान की भूख यहीं शांत नहीं हुई. कल… और पढ़ें

homerajasthan

Nagaur News: शिक्षा का नया चेहरा… नागौर में ‘नो बैग डे’ पर हर घंटे कुछ खास!



Source link

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments