Wednesday, April 15, 2026
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अंडमान के समंदर में रोहिंग्या-बांग्लादेशियों को ले जा रही नाव डूबी, 250 लापता


अंडमान से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आ रही है. संयुक्त राष्ट्र (UN) के अनुसार रोहिंग्या शरणार्थियों और बांग्लादेशी नागरिकों को ले जा रही एक नाव समुद्र में पलट गई है जिसमें 250 से ज्‍यादा लोगों के लापता होने की आशंका है. शुरुआती जानकारी के मुताबिक यह नाव क्षमता से अधिक भरी हुई थी और खराब मौसम के चलते हादसे का शिकार हो गई. यूएन की शरणार्थी एजेंसी ने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि समुद्र में बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान की जरूरत है. ये लोग बेहतर भविष्य की तलाश में समुद्री रास्ते से सुरक्षित ठिकानों की ओर जा रहे थे. इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर शरणार्थियों के संकट और अवैध समुद्री यात्राओं के जोखिम को उजागर कर दिया है. राहत और बचाव कार्य पर अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों की नजर बनी हुई है.

बांग्‍लादेश के कॉक्स बाजार से शुरू हुआ सफर
तुकी की आधिकारिक समाचार एजेंसी एए के मुताबिक 280 लोगों अवैध तरीके से बोर्ट में बैठकर मलेशिया की ओर जा रहे थे. लेकिन अंडमान सागर की लहरों को कुछ और ही मंजूर था. समंदर की उफनती लहरों के कारण ऐसा हुआ. उन चीखों की गवाह बनीं, जो मदद के लिए उठीं और फिर हमेशा के लिए खामोश हो गईं. ये बोट बांग्‍लादेश के कॉक्स बाजार से शुरू चली थी. इस हादसे में बाल-बाल बचे रफीकुल इस्लाम ने बताया कि नाव पर क्षमता से कहीं ज्यादा लोग सवार थे, जिनमें 13 क्रू मेंबर और मानव तस्कर भी शामिल थे. रफीकुल ने दावा किया कि नाव पलटने से पहले ही करीब 25 से 30 लोग भीड़ और दम घुटने के कारण दम तोड़ चुके थे. इसके बाद समंदर की विशाल लहरों ने नाव को अपनी चपेट में ले लिया और देखते ही देखते सब कुछ खत्म हो गया.

बचाए गए 9 लोगों में से 6 तस्‍कर
टेकनाफ मॉडल पुलिस स्टेशन के प्रभारी सैफुद्दीन इस्लाम के अनुसार, बांग्लादेशी जहाज ने 9 अप्रैल को हिंद महासागर से 9 लोगों को रेस्क्यू किया था. जांच में पता चला कि बचाए गए 9 लोगों में से 6 कथित मानव तस्कर हैं जिन्हें अब जेल भेज दिया गया है. पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर लिया है और जांच जारी है कि इस अवैध यात्रा के पीछे और कौन-कौन से सिंडिकेट शामिल हैं.

UNHCR और IOM की चेतावनी
संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (UNHCR) और अंतरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन (IOM) ने एक संयुक्त बयान जारी कर इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है. उन्होंने कहा कि यह त्रासदी रोहिंग्या शरणार्थियों की बेबसी और उनके दीर्घकालिक समाधान की कमी का नतीजा है. बांग्लादेश वर्तमान में लगभग 1.3 मिलियन रोहिंग्याओं की मेजबानी कर रहा है, जो म्यांमार के सैन्य दमन के बाद वहां रह रहे हैं.

सवाल-जवाब
अंडमान सागर में डूबी नाव पर कुल कितने लोग सवार थे?

सर्वाइवर रफीकुल इस्लाम के अनुसार, नाव पर करीब 280 लोग सवार थे, जिनमें 150 रोहिंग्या और बाकी बांग्लादेशी नागरिक थे.

हादसे की मुख्य वजह क्या बताई जा रही है?

प्राथमिक जांच के अनुसार, नाव पर क्षमता से अधिक भीड़ होना और खराब मौसम के कारण उठी विशाल लहरें इस हादसे की मुख्य वजह बनीं.

कितने लोगों को बचाया गया और पुलिस ने क्या कार्रवाई की?

कुल 9 लोगों को सुरक्षित बचाया गया है, जिनमें से 6 आरोपी तस्कर पाए गए हैं. पुलिस ने इन तस्करों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.

रोहिंग्या शरणार्थी इस तरह की खतरनाक समुद्री यात्राएं क्यों कर रहे हैं?

म्यांमार में सैन्य तख्तापलट और बांग्लादेश के शिविरों में बढ़ती भीड़ व संसाधनों की कमी के कारण, ये शरणार्थी बेहतर जीवन की तलाश में अक्सर अवैध समुद्री रास्तों का सहारा लेते हैं.



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