Friday, April 24, 2026
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‘इंटरनेट से दूरी, रोजाना पढ़ाई और’, 10वीं-12वीं की टॉपर्स ने बताया सफलता का मंत्र


UP Board Toppers 2026: आज उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद के परीक्षा परिणाम आने के बाद सीतापुर चर्चा में है। सीतापुर के एक ही स्कूल की दो छात्राओं ने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा में टॉप किया है। जिले की महमूदाबाद तहसील क्षेत्र से यूपी टॉपर बनीं शिखा वर्मा अपने परिणाम को लेकर बहुत उत्साहित हैं। यूपी टॉपर शिखा वर्मा के पिता मूलतः किसान हैं। गांव की बिटिया ने प्रदेश स्तर अपनी चमक बनाकर दूसरी छात्राओं के लिए मिसाल स्थापित कर दी है। परीक्षा परिणाम की घोषणा के बाद परिजनों को जब बेटी के यूपी टॉप की जानकारी मिली तो परिजन भावुक हो गए। जानें दोनों छात्राओं ने अपनी सफलता का मूल मंत्र क्या बताया।

आयकर विभाग में जाना चाहती हैं टॉपर शिखा वर्मा

शिखा वर्मा बिलौली बाजार गांव की निवासी हैं। शिखा के पिता जितेंद्र वर्मा पेशे से किसान हैं। गांव में ही इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकान भी चलाते हैं। उनकी मां कांती देवी गृहणी हैं। पिता 8 बीघे जमीन पर खेती करके परिवार का भरण-पोषण करते हैं। घर में बड़े भाई दीपक बीटेक करने के बाद जूनियर इंजीनियर की तैयारी कर रहे हैं। वहीं, बड़ी बहन अंजली की शादी हो गई है। बहन जूली ने बीएससी की है। शिखा, एसएससी की परीक्षा पास करके आयकर विभाग में जाना चाहती हैं।

टॉपर शिखा ने बताया सफलता का ‘मंत्र’

शिखा की मां परीक्षा परिणाम के बाद भावुक हो गईं। उन्होंने कहा कि बिटिया ने मेहनत की है। वह भविष्य में जो भी बनना चाहती हैं उसको पूरी मदद की जाएगी। शिखा की सफलता पर कॉलेज में जश्न मनाया गया। परिजनों ने मिठाई खिलाकर शिखा की सफलता पर बधाई दी। शिखा ने बताया कि कॉलेज से तैयारी के लिए विशेष मदद मिली है। गुरुजनों ने बहुत सहयोग किया, जिससे तैयारी के दिनों में दबाव महसूस नहीं हुआ। शिखा वर्मा को सामान्य हिंदी में 97, अंग्रेजी में 95, गणित में 100, फिजिक्स में 99, केमेस्ट्री में 97 और कुल 488 अंक मिले हैं। शिखा ने मार्कशीट देखी तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा।

रोजाना 8 घंटे पढ़कर कशिश वर्मा ने किया टॉप

वहीं, यूपी बोर्ड की हाईस्कूल में टॉपर बनीं कशिश वर्मा भविष्य में शिक्षिका बनना चाहती हैं। अपने परिणाम को लेकर कशिश वर्मा खुश दिखीं। कशिश सोसां गांव की रहने वाली हैं। कशिश के पिता पुतान पेशे से किसान हैं और 10 बीघा जमीन पर खेती करके परिवार का भरण-पोषण करते हैं। कशिश रोजाना साइकिल से 2 किलोमीटर दूर जाकर कालेज में पढ़ाई करती हैं। सोशल मीडिया से दूर और प्रतिदिन आठ घंटे पढ़ाई करके कशिश ने सफलता हासिल की है।

सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं- कशिश वर्मा

बाबूराम सावित्री देवी इंटर कॉलेज की छात्रा कशिश वर्मा की मां नीलम देवी गृहणी हैं। कशिश ने बताया कि सफलता का कोई शॉटकर्ट नहीं होता। कशिश की मां की आंखें कमजोर हैं। बीमार होने पर कशिश मां का हाथ भी बंटाती हैं। कशिश, भविष्य में शिक्षिका बनकर देश सेवा करना चाहती हैं। कशिश स्वामी विवेकानंद को अपना आदर्श मानती हैं। कशिश को हिंदी में 98, अंग्रेजी में 95, गणित में 99, विज्ञान में 99, सामाजिक विज्ञान में 99 और गृह विज्ञान में 97 अंक मिले हैं। कशिश ने बताया कि क्लास नोट्स बनाकर तैयारी करके सबसे अच्छा है।

महमूदाबाद क्षेत्र के हैं और भी टॉपर

यूपी बोर्ड परीक्षा परिणाम में हाईस्कूल में तीसरे स्थान पर रहीं अर्पिता, 7 किलोमीटर दूर साइकिल से रोजाना स्कूल जाती हैं। अर्पिता के पिता अम्ब्रीश कुमार भी पेशे से किसान हैं और मां सरोज कुमारी गृहणी हैं। अर्पिता का छोटा भाई अभिनव कक्षा 4 का छात्र है। अर्पिता ने बताया कि प्रतिदिन 8 से 9 घंटे की पढ़ाई करके सफलता हासिल की। अर्पिता ने बताया कि वह भविष्य में इंजीनियर बनना चाहती हैं। इसके लिए वह दिन रात मेहनत करेंगी।

मानसी पोरवाल ने टॉप 6 में बनाई जगह

प्रकाश विद्या मंदिर इंटर कॉलेज की इंटरमीडिएट की छात्रा मानसी पोरवाल को प्रदेश में छठा स्थान हासिल किया है। उनके पिता नंद किशोर गुप्ता कस्बे के रामकुण्ड चैराहे पर बर्तन की दुकान चलाते हैं। उनकी माता नारायण देवी गृहणी हैं। मानसी पोरवाल, डॉक्टर बनकर देश सेवा करना चाहती हैं। घर में बहन ज्योति गुप्ता, लक्ष्मी गुप्ता, सोनिया गुप्ता, कौशिकी पोरवाल और भाई पंकज गुप्ता, निखिल पोरवाल परिणाम को लेकर खुश हैं। मानसी ने बताया कि रोजाना 8 घंटे की पढ़ाई करके सफलता हासिल की है। मानसी ने सोशल मीडिया से दूरी बनाई हुई हैं। मानसी ने बताया कि सफलता के लिए दिन-रात मेहनत करना जरूरी होती है।

सीतापुर की वैष्णवी भी बनीं टॉपर

बाबूराम सावित्री देवी इंटर कॉलेज की छात्रा वैष्णवी हुसैनपुर गांव की रहने वाली हैं। वैष्णवी ने भी उत्तर प्रदेश की मेरिट में छठा स्थान पाया है। इस सफलता पर पूरे परिवार और शिक्षकों में खुशी का माहौल है। वैष्णवी के पिता छोटे लाल किसान हैं। खेती करके परिवार का भरण पोषण करते हैं। माता वंदना गुप्ता गृहणी हैं। वैष्णवी, डॉक्टर बनकर देश सेवा करना चाहती हैं। वैष्णवी ने बताया कि सफलता के लिए विद्यालय स्तर से नोट्स और शिक्षकों के क्लास नोट्स को प्राथमिकता दी, जिससे तैयारी करने में कोई समस्या नहीं आई।

(इनपुट- मोहित मिश्रा)

यहां देखें यूपी बोर्ड परीक्षा के टॉपर्स की लिस्ट





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