Saturday, August 8, 2026
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चिचोली जनसुनवाई में नगर परिषद पर भ्रष्टाचार के आरोप: दावा- कई निर्माण पहली बारिश में ही क्षतिग्रस्त; NSUI ने तकनीकी जांच की मांग की – Betul News




बैतूल में मंगलवार को कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने जिला मुख्यालय के बजाय चिचोली जनपद कार्यालय में जनसुनवाई की। इस दौरान उन्होंने आम नागरिकों की समस्याएं सुनीं और लगभग 123 आवेदनों पर सुनवाई हुई। जनसुनवाई में एनएसयूआई द्वारा नगर परिषद के कार्यों में कथित भ्रष्टाचार और मूलभूत सुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर दिए गए ज्ञापन की सबसे अधिक चर्चा रही। एनएसयूआई के प्रदेश सचिव हर्ष भुसारी ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। इसमें अमृत 2.0 जल प्रदाय योजना सहित नगर परिषद के विभिन्न विकास कार्यों की उच्चस्तरीय और स्वतंत्र तकनीकी जांच की मांग की गई। भुसारी ने आरोप लगाया कि पेयजल पाइपलाइन कई स्थानों पर नालियों के भीतर से बिछाई गई है, जिससे पानी दूषित होने का खतरा है। उन्होंने नगर परिषद के निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए, दावा किया कि कई निर्माण पहली बारिश में ही क्षतिग्रस्त हो गए। संबंधित विभागों को जांच करने के लिए कहा
ज्ञापन में जीईएम पोर्टल से स्ट्रीट लाइट खरीदी और अन्य वित्तीय लेन-देन में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग भी शामिल थी। इसके अतिरिक्त, नगर में अवैध शराब और नशीले पदार्थों के बढ़ते कारोबार पर कार्रवाई, जर्जर सड़कों की मरम्मत, अधूरी नालियों का निर्माण, बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों को चालू कराना, तपश्री ग्राउंड का समतलीकरण, स्कूलों के सामने स्पीड ब्रेकर लगाना और किसानों को पर्याप्त खाद उपलब्ध कराना जैसी मांगें भी उठाई गईं। कलेक्टर डॉ. सोनवणे ने ज्ञापन स्वीकार किया और संबंधित विभागों को सभी बिंदुओं की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। हर्ष भुसारी ने इस दौरान कहा कि विकास कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होनी चाहिए, ताकि नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण मूलभूत सुविधाएं मिल सकें। जूनियर इंजीनियर के खिलाफ कार्रवाई के आदेश
जनसुनवाई में आम नागरिकों ने बिजली, सड़क, अतिक्रमण, सीमांकन, राजस्व और पेयजल से संबंधित शिकायतें भी दर्ज कराईं। कलेक्टर ने कई मामलों में मौके पर ही अधिकारियों को निर्देश दिए। ग्राम चूड़िया में कृषि विद्युत कनेक्शन देने में लापरवाही के लिए संबंधित जूनियर इंजीनियर के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए गए। इसके अलावा, बिजली के पोल शिफ्ट करने, विद्युत तार चोरी के मामलों में एफआईआर दर्ज कराने, ट्रांसफार्मर संबंधी समस्याओं का समाधान करने और सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का समयबद्ध निराकरण करने के भी निर्देश दिए गए।



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