छिंदवाड़ा जिले में बाघ के अंगों के साथ दो तस्करों की गिरफ्तारी के बाद नरसिंहपुर का वन अमला सतर्क हो गया है। यह कार्रवाई नरसिंहपुर जिले की वन सीमा से लगे छिंदवाड़ा में चार दिन पहले हुई थी। इसके बाद नरसिंहपुर के करेली वन क्षेत्र में शिकार की आशंका को लेकर जांच शुरू की गई। छिंदवाड़ा पूर्व वनमंडल से मिली जानकारी के आधार पर, करेली वन परिक्षेत्र की टीम ने हिनौतिया पश्चिम क्षेत्र में तीन दिनों तक लगातार जांच अभियान चलाया। वन विभाग के अधिकारियों ने गुरुवार शाम तक जमुनिया ग्राम क्षेत्र और हिनौतिया पश्चिम परिसर के पी-214 कक्ष अंतर्गत जंगल क्षेत्र का गहन निरीक्षण किया। वन विभाग बोला-बाघ शिकार की पुष्टि नहीं हुई करेली वन परिक्षेत्र की टीम ने घटनास्थल और आसपास के क्षेत्र का परीक्षण करने के बाद प्रारंभिक रूप से पाया कि संबंधित स्थल पर बाघ के शिकार किए जाने की पुष्टि नहीं हुई है। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, शिकार की घटना के वास्तविक स्थल की पुष्टि के लिए छिंदवाड़ा पूर्व वनमंडल से संपर्क किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि घटना स्थल की आधिकारिक पुष्टि होने के बाद ही मामले में किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित होगा। जांच जारी है और तथ्यात्मक स्थिति सामने आने के बाद ही आगे की जानकारी साझा की जाएगी।
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छिंदवाड़ा में बाघ तस्करी के बाद वन विभाग अलर्ट: नरसिंहपुर जंगल में चलाया सर्च अभियान; करेली वन क्षेत्र में शिकार की पुष्टि नहीं – Narsinghpur News
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