समस्तीपुर खेतों में जंगली सूअर फसल बर्बाद कर दें, हाथी मकान तोड़ दे या किसी वन्यजीव के हमले में इंसान अथवा पालतू पशु घायल हो जाएं, तो अब पीड़ितों को आर्थिक सहायता के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। समस्तीपुर वन प्रमंडल ने आम लोगों और किसानों से अपील की है कि ऐसी किसी भी घटना की जानकारी समय पर वन विभाग को दें। बिहार सरकार की योजना के तहत पात्र लोगों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। वन प्रमंडल पदाधिकारी राज कुमार शर्मा ने बताया कि मानव जीवन, पशुधन, मकान और फसलों को वन्यजीवों से होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए सरकार ने मुआवजे का प्रावधान किया है। उन्होंने कहा कि समय पर सूचना मिलने के बाद विभागीय जांच कर सहायता राशि सीधे लाभुक के बैंक खाते में भेजी जाएगी। वन विभाग के अनुसार बाघ, तेंदुआ, हाथी, भालू, गौर, जंगली सूअर, लकड़बग्घा, सियार, भेड़िया, गैंडा, मगरमच्छ और घड़ियाल जैसे वन्यजीवों के हमले में किसी व्यक्ति की मृत्यु या स्थायी दिव्यांगता होने पर 10 लाख रुपये की सहायता मिलेगी। गंभीर रूप से घायल होने पर 1.44 लाख रुपये और सामान्य चोट लगने पर 24 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। पशुधन के नुकसान पर भी सरकार सहायता देगी। जंगली जानवरों के हमले से गाय, भैंस या बैल की मौत होने पर 24 हजार रुपये, भेड़ या बकरी की मौत पर 4,800 रुपये तथा बछड़े की मौत पर 7,200 रुपये का मुआवजा निर्धारित किया गया है। इसके अलावा हाथी, गौर और गैंडे से मकान क्षतिग्रस्त होने पर नुकसान के आधार पर 12 हजार से 96 हजार रुपये तक सहायता मिलेगी। वहीं हाथी, नीलगाय और जंगली सूअर से फसल नष्ट होने पर अधिकतम 50 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर तक आर्थिक सहायता का प्रावधान है। वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि मानव या पशु की क्षति की सूचना 24 घंटे के भीतर, जबकि फसल या मकान की क्षति की सूचना दो दिनों के अंदर संबंधित वन कार्यालय में देना अनिवार्य है। समय पर सूचना देने और जांच में पात्र पाए जाने पर सहायता राशि सीधे बैंक खाते में भेजी जाएगी। – मृत्यु/स्थायी दिव्यांगता: ₹10 लाख – गंभीर घायल: ₹1.44 लाख – सामान्य चोट: ₹24 हजार – गाय, भैंस या बैल की मौत: ₹24 हजार – भेड़/बकरी की मौत: ₹4,800 – बछड़े की मौत: ₹7,200 – फसल क्षति: अधिकतम ₹50 हजार प्रति हेक्टेयर – सूचना देने की समय सीमा: मानव/पशु क्षति पर 24 घंटे, फसल/मकान क्षति पर 2 दिन के भीतर। ^मानव जीवन, पशुधन, मकान और फसलों को वन्यजीवों से होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए सरकार ने मुआवजे का प्रावधान किया है। उन्होंने कहा कि समय पर सूचना मिलने के बाद विभागीय जांच कर सहायता राशि सीधे लाभुक के बैंक खाते में भेजी जाएगी। – राज कुमार शर्मा, वन प्रमंडल अधिकारी
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