प्रिंटिंग इंडस्ट्री में इंक, पेपर, फिल्म, प्लेट और केमिकल की बढ़ती कीमतों से उद्यमी परेशान हैं। इन पर 18 प्रतिशत जीएसटी लगने से कारोबार पर असर पड़ रहा है। द राजस्थान प्रिंटर्स एसोसिएशन (RPA) की ओर से आयोजित संवाद कार्यक्रम में उद्यमियों ने सरकार से जीएसटी की दर 18 से घटाकर 5 प्रतिशत करने और इंडस्ट्री के लिए स्पेशल पैकेज देने की मांग की है। इंडियन प्रिंटिंग पैकेजिंग एंड एलाइड मशीनरी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (आईपीएएमए) के प्रेसिडेंट कुलजीत सिंह और आरपीए अध्यक्ष विनोद कुमार शर्मा सहित प्रिंटिंग इंडस्ट्री से जुड़े उद्यमियों ने कारोबार की चुनौतियों पर चर्चा की। इस दौरान सरकारी प्रिंटिंग टेंडर में कुछ कंपनियों के दबदबे और नई कंपनियों को अवसर नहीं मिलने का मुद्दा भी उठाया गया। सरकारी टेंडर में नई कंपनियों को अवसर नहीं मिलने का आरोप आरपीए अध्यक्ष विनोद कुमार शर्मा ने कहा कि सरकारी प्रिंटिंग टेंडर पर कुछ चुनिंदा कंपनियों का कब्जा है। टेंडर प्रक्रिया में खामियों के कारण नए उद्यमियों को काम करने का अवसर नहीं मिल पाता। आरपीए इस मुद्दे को उठाएगा और नई कंपनियों को भी अवसर दिलाने के लिए संघर्ष करेगा। तकनीक के साथ आगे बढ़ने की जरूरत आईपीएएमए के प्रेसिडेंट कुलजीत सिंह ने कहा कि दुनिया में प्रिंटिंग इंडस्ट्री की तकनीक तेजी से बदल रही है। कारोबार को आगे बढ़ाने के लिए उद्यमियों को नई तकनीक अपनानी होगी और समय के साथ खुद को अपडेट रखना होगा। आईपीएएमए और आरपीए का उद्देश्य देश और प्रदेश की प्रिंटिंग इंडस्ट्री को आगे बढ़ाना है। सप्लायर और प्रिंटर के बीच भी हुआ संवाद कार्यक्रम में रॉ मैटेरियल की सप्लाई चेन को बेहतर बनाने के लिए सप्लायर और प्रिंटर के बीच विशेष संवाद सत्र रखा गया। इसमें कच्चे माल की उपलब्धता और उससे जुड़ी समस्याओं पर चर्चा की गई। इस दौरान राजस्थान की प्रिंटिंग इंडस्ट्री के वरिष्ठ उद्यमियों हरिकिशन रावत, रूपनारायण, राजेंद्र कुमठ, मनमोहन सिंह, आलोक जैन, दुर्गा प्रसाद शर्मा, उमेश शर्मा और सुनील मित्तल को सम्मानित किया गया।
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