Friday, May 1, 2026
Homeदेशलड़के भी हैरेस होते हैं....जेपी मॉर्गन में भारतीय लड़के के यौन शोषण...

लड़के भी हैरेस होते हैं….जेपी मॉर्गन में भारतीय लड़के के यौन शोषण पर बोलीं डॉक्‍टर


JP Morgan Sexual Harassment case: अमेरिका की जेपी मॉर्गन चेस बैंक में सीनियर अधिकारी लोर्ना हजदिनी द्वारा जूनियर भारतीय लड़के के यौन उत्पीडन के मामले ने हंगामा मचा दिया है. पब्लिक में सामने आते ही यह मामला टॉक ऑफ द टाउन बन गया है और लोग सोशल मीडिया पर इसे लेकर तमाम तरह की बातें कर रहे हैं. लोग हैरान हैं और सबसे ज्यादा यही पूछ रहे हैं कि क्या कोई महिला भी पुरुष का सेक्सुअल हैरेसमेंट कर सकती है? आमतौर पर तो पुरुष ही महिलाओं का यौन शोषण करते पाए जाते हैं.

इस बारे में 20 साल से ज्यादा अनुभव रखने वाली भारतीय साइकोलॉजिस्ट डॉक्टर निशा खन्ना ने अपनी स्पष्ट राय दी है. डॉ. खन्ना कहती हैं,’ लड़के भी हैरेस होते हैं. हां लोगों को यह समझने और मानने की जरूरत है कि लड़कों का भी यौन शोषण होता है और यह सिर्फ अमेरिका में ही नहीं है, बल्कि भारत में भी बेहद कॉमन है. लड़के चाहे छोटे हों चाहे बड़े किसी के भी साथ यौन शोषण होता है, लेकिन यहां लोग मानने को क्यों नहीं तैयार होते क्योंकि लड़कों के सेक्सुअल हैरेसमेंट के अधिकांश मामले तो कभी सामने ही नहीं आ पाते.’

डॉक्टर निशा कहती हैं कि जब पानी सिर से ऊपर हो जाता है तो कुछ मामले खुलते हैं, उनमें भी कुछ मामले वे होते हैं जिनमें लड़की के द्वारा ही शिकायत की जाती है और जांच के बाद फिर लड़के के साथ ही ज्यादती या शोषण की बात निकलकर सामने आती है.

यौन शोषण से जेंडर का कोई लेना-देना नहीं है…
जेपी मॉर्गन में पीड़ित भारतीय लड़के को लेकर डॉ. निशा कहती हैं,’वर्कप्लेस हो या घर जैसे महिलाएं यौन उत्पीडन की शिकार होती हैं, ऐसे ही लड़के भी होते हैं. सेक्सुअल हैरेसमेंट का जेंडर से कोई लेना-देना नहीं है. यह किसी के साथ भी हो सकता है. भारत में ऐसे तमाम केस आते हैं जब लड़कियां ही लड़कों को ब्लैकमेल कर रही होती हैं, बहुत सारे पहले सहमति से संबंध और फिर रेप के आरोपों वाले कई केसेज में खुद न्यायालयों ने इस बात को स्वीकारा है और झूठ व ब्लैकमेल की पुष्टि हुई है.’

जेपी मॉर्गन वाले मामले में भी लड़के का उत्पीडन होना संभव है. जैसा कि बताया जा रहा है कि महिला पावरफुल है और बैंक में ऊंचे पद पर है, तो संभव है कि वह अपने पद का इस्तेमाल कर लड़के का यौन शोषण कर रही हो, हालांकि फिर भी ऐसे मामलों में तीन पहलू हो सकते हैं. जरूरी नहीं है कि जैसा दिखाई दे रहा है सच सिर्फ उतना हो, यह और गहरा भी हो सकता है और इन 3 में से कोई एक पहलू हो सकता है.

  1. . पहला ये हो सकता है कि यह पूरी तरह सेक्सुअल हैरेसमेंट का ही मामला हो. अपने पद और पॉवर का दुरुपयोग कर महिला अधिकारी ने भारतीय युवक का उत्पीडन किया हो. काफी दिन झेलने के बाद आखिरकार युवक ने शिकायत की हिम्मत की हो, ऐसे भी कई केस देखने को मिलते हैं.
  2. . दूसरा पहलू ये हो सकता है कि दोनों के बीच में पहले सहमति से संबंध हों, शारीरिक गतिविधियां भी हुई हों लेकिन फिर कुछ ऐसा हुआ हो कि किसी एक को इस संबंध से परेशानी हो रही हो और वह इससे निकलना चाहता हो या जबरन जुड़े रहना चाहता हो.
  3. . तीसरा पहलू ब्लैकमेलिंग का भी हो सकता है. कोई भी पक्ष फिर चाहे लड़की हो या लड़का, किसी की भी सेक्सुअल हैरेसमेंट के साथ ब्लैकमेलिंग की जा रही हो. इसमें लड़की भी पद और पोजीशंस के चलते अपनी इच्छाओं की पूर्ति के लिए ब्लैकमेल कर सकती है और लड़के की ओर से भी हो सकता है.

डॉ. निशा कहती हैं, हालांकि क्या सच है और क्या नहीं, यह तो जांच के बाद ही पता चल सकता है और तभी कुछ कहा जा सकता है क्योंकि ऐसे मामले अक्सर उलझे हुए होते हैं. हालांकि जो सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण बात है वह यह है कि यौन उत्पीडन में लड़का या लड़की का फर्क नहीं है, यह किसी का भी हो सकता है और ऐसे तमाम मामले आज देखने को मिल रहे हैं.

क्या था मामला?
बता दें कि न्यूयॉर्क में जेपी मॉर्गन चेस बैंक में एक पूर्व भारतीय कर्मचारी ने अपनी सीनियर और एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर लोर्ना हजदिनी पर यौन शोषण, नस्लीय उत्पीड़न और दबाव डालने के गंभीर आरोप लगाए हैं. युवक ने लोर्ना पर ड्रग्स देकर यौन संबंध बनाने के भी आरोप लगाए हैं.

27 अप्रैल 2026 को न्यूयॉर्क काउंटी सुप्रीम कोर्ट में दायर मुकदमे के अनुसार, युवक के आरोप 2024 के हैं जब दोनों साथ काम करते थे.पीड़ित ने मई 2025 में बैंक को लिखित शिकायत सौंपी थी, जिसमें उसने नस्ल और लिंग आधारित भेदभाव, लगातार उत्पीड़न के साथ गंभीर यौन शोषण का विस्तार से ब्योरा दिया था. हालांकि युवक का कहना है कि बैंक ने उसकी शिकायतों पर अमल करने के बजाय उल्टा उसको ही धमकाया. इसके चलते वह बीमारी का शिकार हो गया और उसकी आर्थिक स्थिति भी खराब हो गई.



Source link

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments