Monday, October 12, 2026
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शारदीय नवरात्र का दूसरा दिन, फूलों की बढ़ी मांग: औरंगाबाद में गेंदा-गुलाब की बिक्री में उछाल; मंदिरों-पूजा पंडालों में मां दुर्गा का विशेष श्रृंगार – Aurangabad (Bihar) News




औरंगाबाद शहर में शारदीय नवरात्र शुरू होते ही फूलों की डिमांड बढ़ गई है। मां दुर्गा की पूजा-अर्चना, मंदिरों की सजावट और प्रतिमाओं के श्रृंगार के लिए श्रद्धालु फूलों की खरीदारी कर रहे हैं। इससे बाजार में रौनक बढ़ गई है। खासकर पीले गेंदा और लाल गुलाब की मांग सबसे अधिक है। फूल विक्रेताओं के अनुसार, नवरात्र के दौरान फूलों की बिक्री सामान्य दिनों की तुलना में दो से तीन गुना तक बढ़ जाती है। शहर के धर्मशाला रोड स्थित मां दुर्गा मंदिर, काली क्लब, क्लब रोड मां का मंदिर, बाईपास पंचदेव मंदिर, अहरी देवी मंदिर, धर्मदास संगत स्थित प्रतिमा स्थल, गांधी नगर स्थित देवी मंदिर, बिजली कॉलोनी के मंदिर और प्रतिमा स्थल में फूलों से विशेष सजावट की जा रही है। सुबह और शाम की आरती के दौरान श्रद्धालु गेंदा, गुलाब, कमल और गुड़हल के फूल लेकर पहुंच रहे हैं। रंग-बिरंगी फूलों की मालाओं और सुगंध से शहर का माहौल भक्तिमय हो गया है। डिमांड बढ़ने से फूल कारोबार में आई तेजी नवरात्र के अवसर पर मंदिरों के साथ-साथ पूजा पंडालों में भी फूलों की सजावट पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पूजा समितियां थोक में फूल मंगाकर मां दुर्गा के दरबार को आकर्षक रूप देने में जुटी हैं। गेंदा की मालाओं का इस्तेमाल मंदिरों के प्रवेश द्वार, पूजा स्थल और प्रतिमा के आसपास सजावट के लिए किया जा रहा है। वहीं, गुलाब और अन्य फूलों से मां का विशेष श्रृंगार किया जा रहा है। फूलों की बढ़ती मांग का असर बाजार पर भी दिखाई दे रहा है। मांग के अनुसार कीमतों में थोड़ी बढ़ोतरी हुई है, लेकिन श्रद्धालुओं के उत्साह में कमी नहीं आई है। लोग अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार फूलों की खरीदारी कर रहे हैं। फूल विक्रेताओं के लिए नवरात्र का समय कारोबार बढ़ाने का महत्वपूर्ण अवसर बन गया है। वहीं, स्थानीय स्तर पर फूलों की खेती करने वाले किसानों को भी अपनी उपज बेचने के लिए अच्छा बाजार मिल रहा है। नौ बीघा में गेंदा की खेती, खेत से ही बिक रहे फूल नवरात्र में फूलों की बढ़ती मांग का लाभ किसानों को भी मिल रहा है। कुटुंबा प्रखंड के दधपा गांव निवासी संतोष मालाकार ने लीज पर लेकर नौ बीघा खते में गेंदा फूल की खेती की है। उन्होंने बताया कि उनके खेत से प्रतिदिन लगभग 40 से 50 कोड़ी गेंदा फूल निकल रहा है। इसकी बिक्री के लिए अब उन्हें दूसरे शहरों में जाने की जरूरत नहीं पड़ रही है। खरीदार सीधे खेत पर पहुंचकर फूल खरीद ले जा रहे हैं। संतोष मालाकार के अनुसार, वर्तमान में गेंदा फूल की कीमत 350 से 400 रुपये प्रति कोड़ी तक मिल रही है। नवरात्र के दौरान मांग बढ़ने से उन्हें अच्छी कमाई की उम्मीद है। पहले फूल बेचने के लिए दूसरे शहरों का रुख करना पड़ता था, लेकिन अब स्थानीय बाजार में ही खरीदार मिल रहे हैं। इससे समय और परिवहन खर्च की बचत हो रही है। फूल उत्पादकों को फायदा नवरात्र ने जहां शहर के फूल कारोबार को गति दी है, वहीं संतोष जैसे किसानों के लिए भी बेहतर आमदनी की उम्मीद जगाई है। धार्मिक आस्था और स्थानीय कृषि का यह मेल फूल उत्पादकों के लिए त्योहार को आर्थिक रूप से भी खास बना रहा है।



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