भाजपा महासचिव स्मृति ईरानी ने रविवार को कहा कि अगर राहुल गांधी महिलाओं के समर्थक हैं तो उन्हें पहले महिला आरक्षण लागू करने का समर्थन करना चाहिए। वे 33% आरक्षण लागू कराने और पूरे वंदे मातरम के गायन का समर्थन करके अपनी बात साबित करें। स्मृति ने कहा कि वंदे मातरम के आखिरी 2 पैरा देवी दुर्गा को समर्पित हैं। स्मृति का यह बयान राहुल गांधी के पुणे में हुए छात्रों की गूंज इवेंट के बाद आया है। जहां राहुल ने लड़कियों से कहा था कि उन्हें पितृसत्ता को खत्म करना चाहिए। राहुल गांधी शनिवार को पुणे में छात्राओं से बात करते हुए ‘मनुस्मृति की मानसिकता’ पर निशाना साधते हुए कहा था कि इसने महिलाओं को पुरुषों के अधीन रहने मजबूर किया है। वंदेमातरम पूरा न गाए जाने पर भी बोलीं स्मृति स्मृति ने कहा- “हिंदू धार्मिक परंपरा में ‘यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवता’ की भावना निहित है और भगवती, लक्ष्मी तथा सरस्वती जैसी देवियों की पूजा की जाती है। उन्होंने कहा कि देवी दुर्गा को शक्ति के स्वरूप के रूप में पूजा जाता है। मैं आग्रह करती हूं कि कांग्रेस मुख्यालय में वंदे मातरम का पूरा संस्करण गाया जाए, जिसमें देवी दुर्गा का आह्वान करने वाली पंक्तियां भी शामिल हों।” राहुल ने महिलाओं से पितृसत्ता खत्म करने को कहा था राहुल गांधी ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में मौजूद थे। यहां करीब 15 हजार छात्राएं थीं। इसी दौरान राहुल ने कहा था कि महिला को जीवन के हर पड़ाव पर पुरुष रिश्तेदारों के अधीन रहना पड़ता है। उन्होंने यह भी कहा था कि महिलाओं को आगे बढ़ने से रोकने के लिए समाज में हिंसा का इस्तेमाल किया जाता है और 80% महिलाएं उत्पीड़न का सामना करती हैं। कांग्रेस ने कहा था वंदे मातरम के दो ही पैरा गाएंगे कांग्रेस ने वंदे मातरम को लेकर अपना रुख साफ कर दिया है। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने 19 अगस्त को कहा था कि पार्टी 1937 में हुई कांग्रेस बैठक में लिए गए फैसले का पालन करेगी। इसके तहत पार्टी के कार्यक्रमों में वंदे मातरम के केवल दो अंतरे गाए जाएंगे। केसी वेणुगोपाल ने कहा कि वंदे मातरम और राष्ट्रगान कांग्रेस के लिए भावनात्मक मुद्दे हैं, जबकि भाजपा के लिए ये राजनीतिक मुद्दे हैं। 1950 में संविधान सभा ने वंदे मातरम को राष्ट्रीय गीत का दर्जा दिया था। इसमें कुल 6 पैरा हैं। भाजपा का दावा- कांग्रेस मुख्यालय में रोका गया था वंदेमातरम 15 अगस्त को कांग्रेस मुख्यालय में स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान वंदे मातरम पर कांग्रेसी नेताओं के व्यवहार को लेकर विवाद हो रहा है। भाजपा का आरोप है कि गीत के दौरान सोनिया गांधी, राहुल गांधी और पार्टी अध्यक्ष ने गीत रुकवाने की कोशिश की थी। 2026 वंदे मातरम के अपमान पर कानून बना 24 जनवरी 1950 को संविधान सभा ने ‘वंदे मातरम’ को राष्ट्रीय गीत घोषित किया था। लंबे समय तक इसके अपमान पर कोई अलग कानून नहीं था, लेकिन 2026 के मानसून सत्र में केंद्र सरकार ने ‘राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम’ बनाया। इस कानून के तहत ‘वंदे मातरम’ के गायन को जानबूझकर रोकने, इसमें बाधा डालना या इसका सार्वजनिक अपमान दंडनीय अपराध होगा। ऐसा करने पर 3 साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों की सजा का प्रावधान है। इस बार 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान पहली बार लाल किले से ‘वंदे मातरम्’ के पूरे 6 पैरा गाए गए। ——————— ये खबर भी पढ़ें… राहुल बोले- महिलाओं के खिलाफ 3 तरह से हिंसा: पहली- पैदा होते ही हत्या, दूसरी- शारीरिक अत्याचार, तीसरी- आर्थिक बंदिशें राहुल ने छात्रों की गूंज इवेंट में छात्रों से एक घंटा 16 मिनट बात की। उन्होंने कहा, ‘महिला की पहचान उसके पिता, पति या बेटे से नहीं होती, बल्कि उसकी अपनी पहचान होती है।’ मनुस्मृति का जिक्र करते हुए महिलाओं को पिता, पति और बच्चों की संपत्ति मानने वाली सोच को शर्मनाक बताया। पढ़ें पूरी खबर…
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