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Lata Mangeshkar Cabaret Song : स्वर कोकिला लता मंगेशकर आइटम नंबर नहीं गाती थीं. कैबरे सॉन्ग से तो वो और भी परहेज करती थीं. ऐसे में 60-70 के दशक की डांसिंग क्वीन हेलेन के लिए ज्यादातर गाने लता दीदी की छोटी बहन आशा भोसले ने गाए हैं. ‘पिया तू अब तो आजा’, ये मेरा दिल प्यार का दीवाना जैसे सॉन्ग आशा भोसले की पहचान बन गए. 70 का दशक शुरू होने से ठीक एक साल पहले लता मंगेशकर ने एक फिल्म में पहली बार कैबरे सॉन्ग गाया था. गाना रिलीज होते ही छा गया. आज भी यह गाना सुपरहिट है. गाना हेलेन पर ही फिल्माया गया था. मूवी ने भी बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचा दिया था. यह फिल्म कौन सी थी, वो गाना कौन सा था, आइये जानते हैं……..
लता मंगेशकर साफ-सुथरे गाने ही गाया करती थीं. गाने के बोल अश्लील होने पर वो उसे गाने से साफ इनकार कर देती थीं. कैबरे सॉन्ग तो लता दीदी बिल्कुल भी नहीं गाती थीं. ऐसे गाने उनकी छोटी बहन आशा भोसले गाया करती थीं. 1969 में एक फिल्म ऐसी भी आई जिसमें लता ने बहुत ही अनोखे अंदाज में गाने गाए. इस फिल्म में एक कैबरे सॉन्ग भी था जिसे लता ने गाया था. गाना हेलेन पर फिल्माया गया था. हम 1969 में रिलीज हुई ‘इंतकाम’ फिल्म के गाने ‘आ जाने जा’ की बात कर रहे हैं. गाना आज भी उतना ही सुपरहिट है. आइये जानते हैं इस फिल्म से जुड़े दिलचस्प फैक्ट्स…..

‘इंतकाम’ एक थ्रिलर फिल्म थी जिसका निर्देशन आरके नैयर ने किया था. फिल्म में संजय खान और साधना लीड रोल में थे. अशोक कुमार, रहमान, हेलन, राजेंद्र नाथ, जीवन सहायक भूमिकाओं में थे. स्क्रीनप्ले ध्रुव चटर्जी ने लिखा था. डायलॉग मदन जोशी ने लिखे थे. गीतकार राजेंद्र कृष्ण, संगीतकार लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल थे. प्रोड्यूसर दीवान ए.डी. नैयर थे. स्टोरी-डायरेक्शन आरके नैयर का था. फिल्म 1912 के अमेरिकन प्ले ‘विदिन दा लॉ’ की एडॉप्टेशन थी.

आरके नैयर एक्ट्रेस साधना के पति थे. साधना अपने थाइरॉइड के इलाज में उलझी थीं. पति आरके नैयर कर्ज में डूबे थे. ऐसे में उन्होंने पैसे कमाने के लिए एक सफल फिल्म की जरूरत थी. इंतकाम ने वो काम किया. यह साधना की कमबैक फिल्म थी. इस फिल्म से आरके नैयर ने इतना पैसा कमाया कि उनका पूरा कर्ज चुक गया.
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इसी फिल्म में आइकॉनिक कैबरे नंबर ‘आ जाने जा’ था जिसे लता मंगेशकर ने गाया था. फिल्म की कहानी बहुत लीक से हटकर थी. अपना-अपना रोल सभी कलाकारों ने बखूबी निभाया. लक्ष्मीकांत -प्यारेलाल का म्यूजिक एक्स्ट्रा ऑर्डनरी था. म्यूजिक ने फिल्म को गति थी और उसे अपने पैरों पर खड़ा रखा. फिल्म को कामयाब बनाने में अहम भूमिका निभाई.

फिल्म के गाने थे : ‘हम तुम्हारे लिए, तुम हमारे लिए’, ‘गीत तेरे साज का, तेरी ही आवाज में’. फिल्म का एक गाना ‘आ जाने जा’ कैबरे सॉन्ग था. लता मंगेशकर ने पहली बार ऐसा गाना गाया था. डांस मास्टर पी. एल. राज ने इस गाने को कोरियोग्राफ किया था. गाना हेलन पर फिल्माया गया था. यह हेलेन के मोस्ट पॉप्युलर कैबरे सॉन्ग में से एक है.

‘महफिल सोई, ऐसा कोई’ गाने का प्लेसमेंट जबर्दस्त था. पर्दे पर बेहद जबर्दस्त डांस हेलन ने किया था. फिल्म का एक और गाना ‘कैसे रहूं चुप कि मैंने पी ही क्या है’ बहुत हटकर था. लता मंगेशकर ने इसे बिल्कुल ही अनोखे अंदाज में गाया था. म्यूजिक का रिद्म एक शराबी की चाल को बताता है.

फिल्म का टाइटल पहले ‘रेश्मा’ था. इसका बजट 85 लाख के करीब था और मूवी ने 1.75 करोड़ का नेट कलेक्शन किया था. फिल्म हिट साबित हुई थी. 1969 में पांचवे नंबर पर इंतकाम फिल्म थी.

हेलेन ने अपने एक इंटरव्यू में कहा था कि जब उन्हें पता चला कि लता मंगेशकर उनका कैबरे सॉन्ग गा रही हैं तो ऐसा लगा जैसा सपना सच हो रहा है. हेलेन ने कहा था, ‘लता मंगेश्कर का ‘आ जाने जान’ गाना मेरे लिए एक सपने के सच होने जैसा था, क्योंकि वे कभी ऐसे गाने नहीं गाती थीं.’ आमतौर पर वो कैबरे शैली के गीतों से दूर रहती थीं.

