Wednesday, June 10, 2026
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सड़क हादसे में नेवी कमांडो 88 फीसदी दिव्यांग हुआ, 2.5 करोड़ मुआवजे का आदेश


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सड़क हादसे में नेवी कमांडो 88 फीसदी दिव्यांग हुआ, 2.5 करोड़ मुआवजे का आदेश

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Road Accident News- विशाखापत्तनम में हुए सड़क हादसे में नेवी मरीन कमांडो लखपत सिंह 88 फीसदी दिव्यांग हो गए. मोटर एक्‍सीडेंट क्‍लेम ट्रिब्‍यूनल ने कार चालक को दोषी मानकर ब्‍याज सहित 2.6 करोड़ मुआवजा देने का आदेश दिया है. मामला 25 दिसंबर 2018 का है.

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ट्रिब्‍यूनल ने लापरवाही बताते हुए दिया मुआवजे का आदेश.

नई दिल्ली. सड़क हादसे में 88 फीसदी दिव्यांगता हुए नेवी के एक मरीन कमांडो (मार्कोस) को राहत देने हुए 2.6 करोड़ रुपए मुआवजा देने का ऐलान किया गया है. यह फैसला मोटर एक्‍सीडेंट क्‍लेम ट्रिब्‍यूनल (एमएसीटी) ने दिया है. आदेश के अनुसार 1.6 करोड़ रुपये का मुआवजा देना है और उसका ब्याज मिलाकर यह 2.5 करोड़ रुपये से अधिक हो जाएगा.

टाइम्‍स आफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार पटियाला हाउस कोर्ट के पीठासीन अधिकारी अभिलाष मल्होत्रा ने अपने आदेश में दुर्घटना के लिए कार चालक को जिम्मेदार ठहराया. ट्रिब्‍यूनल ने कहा कि लापरवाही और तेज रफ्तार से वाहन चलाने के कारण हुई इस दुर्घटना ने एक सैनिक का जीवन पूरी तरह बदल दिया. हादसे का असर उसकी शारीरिक क्षमता, सैन्य करियर और भविष्य की आय पर पड़ा है.

मुआवजा दर्द को खत्‍म नहीं कर सकता

ट्रिब्‍यूनल ने अपने आदेश में कहा कि 88 प्रतिशत स्थायी दिव्यांगता और गंभीर चोटों के कारण वह अब अपने सपनों को पूरा नहीं कर सकेगा और न ही पहले की तरह तैराकी कर पाएगा. अदालत ने टिप्पणी की कि कोई भी मुआवजा उस दर्द और पीड़ा को खत्म नहीं कर सकता, जो इस दुर्घटना के कारण उससे छिन गया.

लापरवाही से चल रहा था कार

मामला 25 दिसंबर 2018 का है. नौसेना के मार्कोस कमांडो लखपत सिंह आंध्र प्रदेश में आईएनएस कर्णा, भीमुनिपटनम से विशाखापत्तनम की ओर मोटरसाइकिल से जा रहे थे. इसी दौरान एक स्विफ्ट कार ने कथित रूप से तेज गति और लापरवाही से गाड़ी चलाते हुए उनकी बाइक को पीछे से टक्कर मार दी. हादसे में उन्हें गंभीर चोटें आईं. घटना के बाद भारतीय दंड संहिता की धारा 337 और 338 के तहत मामला दर्ज किया गया और आरोपपत्र भी दाखिल किया गया.

जवान स्‍थाई दिव्‍यांग हो गया

अदालत ने यह भी कहा कि कार चालक सुनवाई के दौरान गवाही देने के लिए पेश नहीं हुआ. चिकित्सा रिपोर्ट के अनुसार लखपत सिंह के श्रोणी (पेल्विस) और शरीर के दाहिने हिस्से, जिसमें हाथ और पैरों पर ज्‍यादा असर पड़ा है. इस कारण उनको चलने-फिरने परेशानी हो रही हो और वो स्‍थाई दिव्‍यांगता आ गयी है.

35 साल में ही सक्रिय सेवा से हटना पड़ा

हादसे से पहले लखपत सिंह भारतीय नौसेना में मरीन कमांडो और अंडरवाटर डाइवर के रूप में सेवाएं दे रहे थे. अब वह ऐसा काम करने के लिए अयोग्य घोषित किए जा चुके हैं. ट्रिब्‍यूनल ने कहा कि इस दुर्घटना ने उनका सैन्य करियर समय से पहले समाप्त कर दिया और उन्हें 57 वर्ष के बजाय 35 वर्ष की उम्र में ही सक्रिय सेवा से हटना पड़ा. अब वह केवल डेस्क के कामों तक सीमित हैं और यहां तक कि रूटीन के कामों में भी उन्हें दूसरों की मदद की आवश्यकता पड़ रही है.

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Sharad Pandeyविशेष संवाददाता

करीब 20 साल का पत्रकारिता का अनुभव है. नेटवर्क 18 से जुड़ने से पहले कई अखबारों के नेशनल ब्‍यूरो में काम कर चुके हैं. रेलवे, एविएशन, रोड ट्रांसपोर्ट और एग्रीकल्चर जैसी महत्वपूर्ण बीट्स पर रिपोर्टिंग की. कैंब्रिज…और पढ़ें



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