Monday, July 27, 2026
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प्रॉपर्टी हड़पने पर महिला प्रधान के बेटे की हत्या: झांसी में नंगा करके पीटा, रेप में फंसाना चाहा तो दोस्तों ने सुपारी दी, मुठभेड़ में 2 अरेस्ट – Jhansi News




झांसी में महिला प्रधान के बेटे संजय सिंह उर्फ संजू (33) की हत्या करने वाले दो आरोपियों का पुलिस ने रविवार देर रात हाफ एनकाउंटर कर दिया। एक आरोपी के पैर में गोली लगी, जबकि दूसरे को घेरकर पकड़ लिया। घायल को मेडिकल कॉलेज में भर्ती करवाया गया है। अभी 3 आरोपी फरार है। संजय सिंह ने एक दोस्त को नंगा करके पीटा और उसका प्लाट हड़प लिया था। जबकि, दूसरे दोस्त से प्लाट को लेकर विवाद चल रहा था। उस पर भी रेप का झूठा मुकदमा कराने की कोशिश की थी। दोनों प्रॉपर्टी की कीमत लगभग 3 करोड़ हैं। इसी वजह से दोनों दोस्तों ने संजय की हत्या करने की सुपारी दी थी। 23 जुलाई की रात संजय अपने चार दोस्तों के साथ इलाइट चौराहे से करीब 300 मीटर दूर स्थित द मेड किचन रेस्टोरेंट में खाना खाने गया था। तभी एक बदमाश ने संजय को गोली मार दी थी। इलाज के दौरान संजय की मौत हो गई थी। आरोपियों की कार पुलिया से टकराई एसपी सिटी प्रीति सिंह ने बताया- मुखबिर से सूचना मिली कि हत्या के 2 आरोपी कार से करगुवांजी के सालासर सिटी से न्यू पुलिस लाइन जाने वाले रास्ते पर जाने वाले हैं। इस पर नवाबाद थाना प्रभारी रवि श्रीवास्तव ने पुलिस टीम के साथ चेकिंग शुरू की। रात लगभग 12:10 बजे कार आई तो रुकने का इशारा किया। तब आरोपी कार दौड़ाकर भाग निकले। तब पुलिस ने कार का पीछा किया। कच्चे रास्ते पर भैंसासुर बब्बा मंदिर के पास पहुंचे तो सामने से पुलिस की दूसरी गाड़ी आ गई। इस दौरान आरोपियों की कार पुलिया से टकरा गई। फिर कार आगे नहीं बढ़ पाई। खुद को घिरता देखकर आरोपी कार से उतरकर पुलिस टीम पर फायरिंग करने लगे। काउंटर अटैक में जीम सैफी उर्फ भीम के पैर में गोली लगी, जबकि धर्मेंद्र सिंह परिहार को घेरकर पकड़ लिया। उनसे वारदात में इस्तेमाल औरा कार, दो तमंचे, दो खोखा कारतूस और दो जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं। जीम सैफी (28) आईटीआई सिद्धेश्वर नगर और धर्मेंद्र परिहार (32) रक्सा के परवई गांव के रहने वाले हैं। अभी अजय यादव, उसका रिश्तेदार जितेंद्र यादव उर्फ और हुसैन उर्फ खड्‌ड़ा फरार है। तीनों की तलाश की जा रही है। बेसकीमती जमीन हड़प चुका था संजय एसपी सिटी ने आगे बताया- संजय सिंह, धर्मेंद्र परिहार और अजय यादव प्रॉपर्टी का काम करते थे। धर्मेंद्र परिहार का शिवानी होटल के पीछे एक प्लाट था। संजय ने धर्मेंद्र को नंगा करके पीटा और फिर प्लाट पर कब्जा कर लिया था। इसके अलावा अजय यादव की पॉल कॉलोनी में जमीन है। जमीन को लेकर अजय का संजय से विवाद चल रहा था। संजय ने अजय के खिलाफ रेप का झूठा मुकदमा लिखवाने का प्रयास किया। इन्हीं वजहों ने दोनों ने संजय की हत्या की प्लानिंग की। दोनों ने अजय के रिश्तेदार जितेंद्र यादव उर्फ जीतू, अजीम सेफी उर्फ भीम और हुसैन उर्फ खड्‌ड़ा को संजय की हत्या की सुपारी दे दी। 50 हजार रुपए एडवांस दे दिए। बाकी की रकम बाद में देनी थी। इसके बाद वे मौके की तलाश में जुट गए। धर्मेंद्र ने बताया था खाना खा रहा है 23 जून को संजय अपने दोस्तों के साथ द मेड किचिन रेस्ट्रोरेंट में खाना खा रहा था। उसने धर्मेंद्र को भी खाना खाने के लिए बुलाया। तब उसने अजय को खबर दे दी कि संजय द मेड किचिन में खाना खा रहा है। तब सभी आरोपी कार और बाइक से पार्किंग में पहुंचे। यहां से हुसैन रेस्ट्रोरेंट के अंदर गया और खाना खा रहे संजय के सिर में पिस्टल सटाकर गोली मार दी। इलाज के दौरान संजय की मौत हो गई। इसके बाद आरोपी भाग गए थे। शादी नहीं हुई थी, 6 साल से शहर में रह रहा था संजय सिंह झांसी शहर से 100 किमी दूर गरौठा के हैवतपुरा गांव का रहने वाला था। उसकी मां रामदेवी गांव की प्रधान हैं। परिजनों ने बताया कि रामदेवी के तीन बच्चे हैं। बड़े बेटे सर्वेश और बेटी रचना की शादी हो चुकी है। संजय की शादी नहीं हुई थी। वह छह साल से झांसी में नंदनपुरा के पास रिश्तेदार के घर में रह रहा था। वह कचहरी में एडवोकेट दशरथ सिंह के पास मुंशी का काम करता था। दतिया पीतांबरा पीठ से लौटे थे दोस्त शिवम ने बताया था- मैं भी एडवोकेट दशरथ सिंह के पास काम करता हूं, इसलिए मेरी संजय से दोस्ती हो गई थी। गुरुवार शाम 4:30 बजे संजय कचहरी से निकला था। चंदौली से हमारे दोस्त एडवोकेट नारायण ओझा झांसी आए थे। उन्हें पीतांबरा माई के दर्शन के लिए दतिया जाना था। कार से मैं, संजय, नारायण और एडवोकेट दशरथ दतिया गए और दर्शन करके लौट आए। वापसी में हम इलाइट चौराहे के पास स्थित द मेड किचन रेस्टोरेंट में खाना खाने के लिए रुक गए। उन्होंने बताया- संजय ने फोन करके दोस्त धर्मेंद्र को भी बुला लिया। हम पांचों ने मिलकर खाना खाया। खाना खा ही चुके थे, तभी काले कपड़े पहने एक युवक आया और गोली चला दी। हम कुछ समझ नहीं पाए। संजय को गोली लगते ही वह जमीन पर गिर पड़ा। गोली मारने के बाद आरोपी तमंचा लहराते हुए बाहर निकला। पार्किंग में खड़े गार्ड ने उसे पकड़ने की कोशिश की, लेकिन वह सफल नहीं हो सका। हमने हमलावर को पहले कभी नहीं देखा था। दोस्त संजय को मेडिकल कॉलेज ले गए। जहां पर इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।



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