कटनी में कृषि उपज मंडी शुल्क को 1.5 प्रतिशत किए जाने के प्रदेश सरकार के निर्णय के खिलाफ विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं। शुक्रवार को मध्य प्रदेश कांग्रेस उद्योग और व्यापार प्रकोष्ठ के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने इस फैसले को जनविरोधी बताते हुए मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश राज्य कृषि विपणन (मंडी) बोर्ड के माध्यम से भेजा गया, जिसमें निर्णय को तत्काल निरस्त करने की मांग की गई। जिला कांग्रेस कमेटी शहर के अध्यक्ष एडवोकेट अमित शुक्ला ने कहा कि सरकार का यह निर्णय सीधे तौर पर किसान और व्यापारी विरोधी है। उन्होंने बताया कि मंडी शुल्क में बढ़ोतरी से कृषि उपज की व्यापारिक लागत बढ़ेगी, जिससे किसानों को उनकी उपज का उचित दाम मिलने में कठिनाई होगी। इसका सीधा बोझ आम उपभोक्ता पर भी पड़ेगा, क्योंकि बाजार में आवश्यक वस्तुओं के दाम बढ़ जाएंगे। व्यापार पलायन और रोजगार छीनने की जताई आशंका मध्य प्रदेश कांग्रेस उद्योग और व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेश महामंत्री गोविन्द सचदेवा ने सरकार की कर नीति प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इतना बड़ा फैसला लेने से पहले संबंधित पक्षों से चर्चा करनी चाहिए थी। सचदेवा ने जोर दिया कि पड़ोसी राज्यों की तुलना में मंडी शुल्क अधिक होने से स्थानीय व्यापार दूसरे राज्यों में पलायन कर सकता है। इससे क्षेत्र के लघु एवं मध्यम उद्योगों के साथ-साथ हजारों हमाल, तुलावटी और कर्मचारियों के रोजगार पर भी प्रतिकूल असर पड़ेगा। कांग्रेस की प्रमुख मांगें मंडी शुल्क को 1.5 प्रतिशत करने का निर्णय तुरंत वापस लिया जाए। व्यापारिक और किसान संगठनों के प्रतिनिधियों को विश्वास में लेकर नई नीति बनाई जाए। भविष्य में किसी भी शुल्क वृद्धि से पहले सभी हितधारकों से विचार-विमर्श अनिवार्य किया जाए। उग्र आंदोलन की दी चेतावनी ज्ञापन सौंपने के दौरान मौजूद कांग्रेस पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस निर्णय पर शीघ्र पुनर्विचार नहीं किया, तो पार्टी चुप नहीं बैठेगी। चरणबद्ध तरीके से पूरे प्रदेश में सड़कों पर उतरकर व्यापक जनआंदोलन चलाया जाएगा।
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मंडी शुल्क 1.5% करने पर विरोध: कटनी में कांग्रेस ने सौंपा ज्ञापन, आदेश तत्काल निरस्त करने की मांग – Katni News
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