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Surat-Chennai Expressway: गुजरात से चेन्नई तक पूरा खेल ही पलटने वाला है. सूरत-चेन्नई एक्सप्रेसवे की यह महा-योजना देश की तस्वीर बदलने के लिए आ रहा है, जहां 5 राज्यों की सड़कें सीधे जुड़ेंगी. 900 KM, 36 घंटे का झंझट खत्म और अब सिर्फ 16 घंटे में होगा. अगर आप भी हाईवे पर लंबी ड्राइव के शौकीन हैं तो यह सुपरफास्ट कॉरिडोर आपकी बोरिंग यात्रा को पूरी तरह से थ्रिलर राइड बनाने वाला है.
5 राज्यों को इससे फायदा होगा. (प्रतीकात्मक तस्वीर)
900 KM, 5 राज्य और 16 घंटे… सोचिए कि आप गाड़ी उठाएं और देश के एक कोने से दूसरे कोने यानी गुजरात से सीधे चेन्नई चंद घंटों में पहुंच जाएं. जी हां, पारंपरिक नेशनल हाईवे के थकाऊ ट्रैफिक में जहां पहले 36 घंटे बर्बाद होते थे, अब यह सफर महज 16 घंटे में सिमटने वाला है. सूरत से चेन्नई के बीच बनने वाला यह नया एक्सप्रेसवे ट्रांसपोर्टेशन की दुनिया में किसी बड़े गेमचेंजर से कम नहीं होगा. भारतमाला परियोजना के तहत तैयार हो रहा यह मेगा प्रोजेक्ट देश के 5 प्रमुख राज्यों की कायापलट करने के लिए पूरी तरह तैयार है. तो तैयार हो जाइए, क्योंकि सड़क मार्ग का यह नया सफर आपकी बोरिंग लॉन्ग ड्राइव को पूरी तरह से एक धमाकेदार और सुपरफास्ट थ्रिलर राइड बनाने वाला है.
36 घंटे का झंझट खत्म, अब सिर्फ 16 घंटे में सफर
अब तक सूरत से चेन्नई जाना किसी थका देने वाले महासंग्राम से कम नहीं है, जिसमें पारंपरिक नेशनल हाईवे के भारी ट्रैफिक के कारण लगभग 36 घंटे का समय बर्बाद हो जाता था. लेकिन भारतमाला परियोजना के तहत बन रहा यह नया एक्सप्रेसवे इस दूरी को महज 16 घंटे में समेट देगा. हालांकि पहले यह हाईवे 1271 किलोमीटर का प्रस्तावित था, लेकिन हाल ही में हुए बड़े प्रशासनिक और रूट संशोधन के बाद सूरत-नासिक खंड को हटा दिया गया है, जिससे अब इसकी कुल दूरी घटकर करीब 900 किलोमीटर रह गई है. रूट में बदलाव के बावजूद यह सूरत से चेन्नई के बीच फुल कनेक्टिविटी प्रदान करेगा.
6-लेन कॉरिडोर और राज्यों का नया नेटवर्क
यह छह-लेन का ग्रीनफील्ड कॉरिडोर देश के 5 प्रमुख राज्यों और कई बड़े शहरों को आपस में जोड़ेगा, जिससे लॉजिस्टिक्स और ट्रांसपोर्टेशन में गजब की तेजी आएगी:
• गुजरात: सूरत
• महाराष्ट्र: नासिक, अहमदनगर, सोलापुर, अक्कलकोट
• कर्नाटक: कलबुर्गी, रायचूर
• तेलंगाना: गढ़वाल
• आंध्र प्रदेश: कुरनूल, कडप्पा, तिरुपति
• तमिलनाडु: चेन्नई
Surat Chennai Expressway Route (AI Image)
कितनी हुई प्रगति और कब तक होगा पूरा?
इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट पर अलग-अलग चरणों में तेजी से काम चल रहा है. महाराष्ट्र कैबिनेट ने इसके 374 किलोमीटर लंबे नासिक-सोलापुर-अक्कलकोट ग्रीनफील्ड खंड को हरी झंडी दे दी है, जिसे करीब 19 हजार 142 करोड़ रुपए की लागत से तैयार किया जाएगा. इसके अलावा, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के बीच 177 किलोमीटर के रूट पर भी काम शुरू हो चुका है और जमीन अधिग्रहण की रफ्तार बढ़ा दी गई है. नेशनल हाइवे अर्थारिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने इसे 2027 के आखिर तक पूरा करने का कड़ा लक्ष्य रखा है, जिसके बाद गुजरात से तमिलनाडु तक का सफर सिर्फ एक सुहाना अनुभव बनकर रह जाएगा.
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पत्रकारिता में 16 वर्षों से अधिक का सुदीर्घ अनुभव रखने वाले संदीप गुप्ता वर्तमान में News18 इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर होम पेज पर जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. जटिल और सामरिक विषयों को बेहद सरल भाषा में पाठकों त…
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