दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय (सीयूएसबी) में सोमवार को 5वां दीक्षांत समारोह हुआ। राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने उद्घाटन किया। समारोह में 61 मेधावी विद्यार्थियों को 95 स्वर्ण पदक दिए गए। 2023 और 2024 में स्नातक, स्नातकोत्तर और पीएचडी की पढ़ाई पूरी करने वाले कुल 1662 विद्यार्थियों को उपाधियां मिलीं। केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी और बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार भी अतिथि थे। राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने संबोधन में गुरु-शिष्य परंपरा और शिक्षकों के सम्मान पर जोर दिया। गुरु-शिक्षक का संबंध भारतीय परंपरा की पहचान है। विद्यार्थियों से शिक्षकों का योगदान न भूलने की अपील की। राज्यपाल ने बिहार में 211 नए कॉलेजों के लिए 2400 सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति का भी जिक्र किया। 80 सहायक प्राध्यापक सीयूएसबी से हैं। उन्होंने वेतन भुगतान में देरी से चिंतित शिक्षकों को जल्द वेतन मिलने का भरोसा दिया। अकेले नहीं, अपनों के साथ बांटें खुशियां
बिहार के राज्यपाल ने विद्यार्थियों को सफलता के साथ खुशियां बांटने की सीख दी। उन्होंने कहा कि खुशी अकेले मनाने से नहीं, बल्कि माता-पिता, शिक्षकों और दोस्तों के साथ साझा करने से बढ़ती है। जीवन में आगे बढ़ते समय उन लोगों को भी साथ लेकर चलना चाहिए, जिन्हें समान अवसर और संसाधन नहीं मिल पाए हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी सफलता को केवल व्यक्तिगत उपलब्धि तक सीमित नहीं रखने और जरूरतमंद लोगों की मदद करने की अपील की। उन्होंने संदेश दिया कि दूसरों का हाथ थामकर उन्हें आगे बढ़ने का अवसर देना ही सच्ची सामाजिक जिम्मेदारी है।
टीबी मुक्त बिहार बनाने में विश्वविद्यालय निभाएं भूमिका स्वास्थ्य के क्षेत्र में सामाजिक भागीदारी पर जोर देते हुए राज्यपाल ने बिहार को टीबी मुक्त बनाने के अभियान में विश्वविद्यालयों की सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। उन्होंने कुलपति से विश्वविद्यालय को इस अभियान में आगे लाने का आग्रह किया। साथ ही कैंसर जागरूकता और मानसिक स्वास्थ्य को वर्तमान समय की महत्वपूर्ण चुनौतियां बताया। बिहार के राज्यपाल ने कहा कि बच्चों और युवाओं पर बढ़ते मानसिक दबाव को समझना समाज की जिम्मेदारी है। विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहना चाहिए, ताकि वे अपने परिवार और समाज के लोगों की बेहतर तरीके से सहायता कर सकें। शिक्षा के साथ सामाजिक जिम्मेदारी निभाने का आह्वान राज्यपाल ने विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने संदेश दिया कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री हासिल करना और नौकरी पाना नहीं, बल्कि बेहतर इंसान बनना और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझना भी है। सीयूएसबी का पंचम दीक्षा समारोह मेधावी विद्यार्थियों के सम्मान के साथ उन्हें जीवन में उत्कृष्टता, संवेदनशीलता और सामाजिक सेवा के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देने वाला आयोजन बना।
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