LOC में क्या-क्या सही करना जरूरी?
CBSE ने स्कूलों को चेतावनी दी है कि LOC भरते वक्त स्टूडेंट्स की डिटेल्स उनके स्कूल एडमिशन रिकॉर्ड से पूरी तरह मेल खानी चाहिए यानी नाम की स्पेलिंग, जन्मतिथि और चुने गए सब्जेक्ट्स के कोड में जरा भी चूक नहीं होनी चाहिए. गलत डेटा की वजह से बाद में स्टूडेंट्स को एग्जाम सेंटर पर दिक्कत हो सकती है और बोर्ड कोई रिस्क नहीं लेना चाहता.
सब्जेक्ट कोड चुनने में बरतें सावधानी
कक्षा 10 के लिए:
हिंदी-A: 002
हिंदी-B: 085
उर्दू-A: 003
उर्दू-B: 303
गणित (मानक): 041
गणित (बेसिक): 241
कक्षा 12 के लिए:
हिंदी वैकल्पिक: 002
अंग्रेजी कोर: 301
अंग्रेजी वैकल्पिक: 001
संस्कृत कोर: 322
संस्कृत वैकल्पिक: 022
उर्दू कोर: 303
उर्दू वैकल्पिक: 003
गणित: 041
एप्लाइड मैथ्स: 241
स्कूल वालों को इन कोड्स को ध्यान से चेक करना होगा, ताकि स्टूडेंट्स को सही सब्जेक्ट्स में एग्जाम देने का मौका मिले.
सुधार का मौका: 13 से 27 अक्टूबर तक
CBSE ने स्कूलों को राहत देते हुए एक सुधार विंडो दी है जो 13 अक्टूबर से 27 अक्टूबर 2025 तक खुली रहेगी. इस दौरान स्कूल LOC में गलतियां सुधार सकते हैं.अगर आपने LOC जमा कर दी और फीस भी भर दी लेकिन बाद में कोई गलती पकड़ में आई तो इस विंडो में उसे ठीक कर सकते हैं. बस ध्यान रहे-सुधार के लिए एक्स्ट्रा फीस देनी होगी.सुधार के बाद स्कूल हर स्टूडेंट की वेरिफिकेशन स्लिप निकाल सकते हैं और अगर उसमें भी कोई गलती दिखे तो उसे अपडेट करने का ऑप्शन रहेगा यानी CBSE ने पूरी कोशिश की है कि स्टूडेंट्स को कोई दिक्कत न हो.
9वीं और 11वीं के लिए भी यही नियम
एग्जाम फॉर्म हो सकता है रिजेक्ट
गलती से बचें: गलत डेटा की वजह से स्टूडेंट्स का एग्जाम फॉर्म रिजेक्ट हो सकता है.
सुधार का मौका: 13-27 अक्टूबर तक की विंडो गलतियों को ठीक करने का सुनहरा मौका है.
सब्जेक्ट कोड्स का ध्यान: सही कोड डालना जरूरी है, वरना स्टूडेंट गलत सब्जेक्ट में एग्जाम दे सकता है.
स्कूलों और स्टूडेंट्स के लिए टिप्स
LOC भरने से पहले स्टूडेंट्स का नाम, DOB, और सब्जेक्ट कोड स्कूल रिकॉर्ड से मिलान करें. cbse.gov.in पर रेगुलर अपडेट्स देखते रहें.अगर कोई गलती हो गई तो 13-27 अक्टूबर तक उसे ठीक कर लें.स्टूडेंट्स और पेरेंट्स को भी स्कूल से अपनी डिटेल्स चेक करने को कहें.

