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Ranchi Crime News: झारखंड में आतंक और अपराध के एक बड़े अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का खुलासा हुआ है. पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि धनबाद का गैंगस्टर प्रिंस खान, जो फिलहाल संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में छिपा है, पाकिस्तान के पेशावर से आधुनिक हथियार खरीदता था.
रांची: झारखंड में आतंक और अपराध के एक बड़े अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का खुलासा हुआ है. रांची पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए गैंगस्टर सुजीत सिन्हा और भगोड़े प्रिंस खान के गठजोड़ का भंडाफोड़ किया है. इस गिरोह का संचालन सुजीत सिन्हा की पत्नी ‘लेडी डॉन’ रिया सिन्हा कर रही थी. पुलिस ने रिया समेत गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है. जिनके पास से सनसनीखेज जानकारियां मिली हैं. जांच में पता चला है कि यह गिरोह पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए आधुनिक हथियार मंगवाकर झारखंड में व्यापारियों और कोयला कारोबारियों से उगाही करता था.
पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि धनबाद का गैंगस्टर प्रिंस खान, जो फिलहाल संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में छिपा है, पाकिस्तान के पेशावर से आधुनिक हथियार खरीदता था. इन हथियारों को ड्रोन के जरिए पंजाब बॉर्डर पर ड्रॉप किया जाता था, जहां से गिरोह के सदस्य उन्हें झारखंड के अलग-अलग इलाकों में पहुंचाते थे. हथियारों की अंतिम डिलीवरी के लिए युवतियों का इस्तेमाल किया जाता था ताकि किसी को शक न हो.
‘लेडी डॉन’ के इशारे पर होती थी हर वारदात
इस पूरे सिंडिकेट की कमान सुजीत सिन्हा की पत्नी रिया सिन्हा के हाथों में थी. रिया के इशारे पर ही व्यवसायियों को धमकी भरे कॉल किए जाते थे और फायरिंग की वारदातों को अंजाम दिया जाता था. पुलिस ने रिया के अलावा बबलू खान उर्फ एनामुल, रवि आनंद, मोहम्मद सिराज और मोहम्मद शाहिद को भी गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार बबलू खान, सुजीत और प्रिंस के बीच मुख्य कड़ी था और वही हथियारों की सप्लाई चेन और पैसों के लेनदेन की देखरेख करता था. इस गिरफ्तारी से पुलिस ने एक बड़े ऑर्गेनाइज्ड क्राइम नेटवर्क की कमर तोड़ दी है.
मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें
मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले… और पढ़ें

