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अमेरिका-ईरान तनाव और कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने पर मोदी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. सरकार ने डीजल और जेट फ्यूल पर एक्सपोर्ट टैक्स 7 रुपये प्रति लीटर बढ़ा दिया है. हालांकि, पेट्रोल पर लेवी घटा दी है.
कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के बीच भारत ने डीज़ल और जेट फ़्यूल पर एक्सपोर्ट टैक्स 7 रुपये प्रति लीटर बढ़ाया; पेट्रोल पर लेवी घटाई.
अमेरिका-ईरान के बीच तनाव बढ़ने के बाद ग्लोबल क्रूड ऑयल की कीमतें बढ़ गई हैं. इसके चलते भारत ने डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) के एक्सपोर्ट पर लगने वाले विंडफॉल टैक्स को 7 रुपये प्रति लीटर बढ़ा दिया है. हालांकि, पेट्रोल के एक्सपोर्ट पर लगने वाले टैक्स में कटौती की है.
सरकारी आदेश के मुताबिक, अमेरिका-ईरान के बीच तनाव बढ़ने और ग्लोबल स्तर पर तेल की कीमतें बढ़ने के कारण भारत ने डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (जेट फ्यूल) के एक्सपोर्ट पर विंडफॉल टैक्स बढ़ा दिया है. सरकारी नोटिफिकेशन के मुताबिक, डीजल के एक्सपोर्ट पर लगने वाली ड्यूटी को 8.5 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 15.5 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है. एविएशन टर्बाइन फ्यूल के एक्सपोर्ट पर लगने वाले टैक्स को 7.5 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 14.5 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है.
वहीं, सरकार ने पेट्रोल के एक्सपोर्ट पर लगने वाली ड्यूटी को 4 रुपये प्रति लीटर से घटाकर 2.5 रुपये प्रति लीटर कर दिया है. नई दरें आज यानी 16 जुलाई से लागू होंगी.
दरअसल, इस हफ़्ते अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने के बाद तेल की कीमतों में उछाल आया है. बुधवार को कीमतों में बढ़ोतरी हुई और फिर थोड़ी कमी आई, क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के सभी बंदरगाहों पर नौसैनिक नाकेबंदी फिर से लागू कर दी और ईरान ने इलाके में अमेरिकी इंफ्रास्ट्रक्चर पर जवाबी हमले किए.

