Sunday, May 10, 2026
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EVM पर उठाए सवाल, चुनावी नतीजों के 5 दिन फूटा अभिषेक बनर्जी का गुस्सा


कोलकाता. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अभिषेक बनर्जी ने शनिवार को निर्वाचन आयोग पर ‘पक्षपातपूर्ण’ तरीके से काम करने का आरोप लगाया और भाजपा द्वारा जीते गए चुनावों में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का दावा किया.

चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद सोशल मीडिया पर पहली पोस्ट में बनर्जी ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस पश्चिम बंगाल और केंद्र दोनों जगह ‘मजबूत, मुखर और समझौता न करने वाला विपक्षी दल’ बनी रहेगी. उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “पूरी चुनावी प्रक्रिया के दौरान हमने कई सरकारी एजेंसियों और भारत के निर्वाचन आयोग का ऐसा रवैया देखा, जिसे हम पक्षपातपूर्ण मानते हैं.”

डायमंड हार्बर से सांसद बनर्जी ने लिखा, “जो लोकतांत्रिक संस्थाएं निष्पक्ष तरीके से काम करने के लिए बनाई गई हैं, वे समझौता करती हुई नजर आईं. इससे पश्चिम बंगाल में चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता, विश्वसनीयता और पारदर्शिता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं.”

उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस ने बेहद कठिन चुनाव लड़ा, जिसमें “करीब 30 लाख वास्तविक मतदाताओं के नाम कथित तौर पर मतदाता सूची से हटा दिए गए.” उन्होंने कहा, “मैं इस लड़ाई में हर तृणमूल कार्यकर्ता और समर्थक के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा रहूंगा, ताकि यह सुनिश्चित किया जाए कि सच सामने आए और अब दोनों सरकारें वास्तव में पश्चिम बंगाल के लोगों के हित में काम करें.”

बनर्जी ने चुनाव में इस्तेमाल हुई ईवीएम के कंट्रोल यूनिट में गड़बड़ी और उनके रखरखाव व आवाजाही में अनियमितताओं का भी आरोप लगाया. उन्होंने कहा, “कई चिंताजनक घटनाओं ने लाखों लोगों को यह सवाल उठाने पर मजबूर कर दिया है कि क्या जनता के वास्तविक जनादेश का सम्मान किया गया.”

तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव ने मतगणना केंद्रों की सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक करने और वीवीपैट पर्चियों की पारदर्शी गिनती की मांग की. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र तभी जीवित रह सकता है जब चुनावी संस्थाएं लोगों के भीतर विश्वास और भरोसा पैदा करें. उन्होंने कहा, “दुर्भाग्य से, जो हमने देखा है उसने उस भरोसे को पूरी तरह झकझोर दिया है.”

उन्होंने आरोप लगाया, “चुनाव बाद हिंसा, पार्टी कार्यालयों पर हमले, कार्यकर्ताओं को डराने-धमकाने और समर्थकों को धमकी देने की घटनाएं बेहद चिंताजनक और लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए अस्वीकार्य हैं. जमीन पर पूरी तरह से मेहनत करने वाले कई समर्पित तृणमूल कार्यकर्ता और समर्थक कथित तौर पर लक्षित हमलों का शिकार हुए और डर व असुरक्षा के कारण उन्हें अपने घर छोड़ने पड़े.” उन्होंने कहा, “लोकतंत्र में किसी भी राजनीतिक कार्यकर्ता को अपनी सुरक्षा और अपनी राजनीतिक विचारधारा के बीच कभी चुनाव नहीं करना चाहिए.”

उल्लेखनीय है कि 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद भाजपा ने भी अपने कार्यकर्ताओं पर हमले के आरोप लगाए थे, जिसके बाद कलकत्ता उच्च न्यायालय ने हिंसा की सीबीआई जांच का आदेश दिया था. बनर्जी ने कहा कि ममता बनर्जी के नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस “लोकतंत्र, संवैधानिक मूल्यों और लोगों के अधिकारों व सम्मान” की लड़ाई जारी रखेगी.

उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से एकजुट रहने की अपील करते हुए कहा कि यदि कोई धमकी या हिंसा का सामना कर रहा है तो वह सीधे उनसे संपर्क करे. तृणमूल सांसद ने कहा, “मैं उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने और उपलब्ध हर कानूनी व लोकतांत्रिक रास्ते का इस्तेमाल करने के लिए अपनी पूरी क्षमता से प्रयास करूंगा.”



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